नांदेड़। महाराष्ट्र के नांदेड में एक व्यक्ति के सरपंच चुनाव में खड़े होने के लिए कानूनी बाधा दूर करने के लिए कथित रूप से अपनी सात वर्षीय बेटी की हत्या कर देने का मामला सामने आया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी पांडुरंग कोंडमंगल, नांदेड़ जिले के मुखेड़ के पास के एक गांव का निवासी है। गांव में सरपंच का पद अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित होने के कारण कोंडमंगल ने चुनाव में खड़े होने का अवसर देखा। अड़चन बस यही थी कि उसके तीन बच्चे थे। एक बेटा और दो जुड़वां बेटियां। इस कारण महाराष्ट्र कानून के तहत वह अयोग्य हो जाता, क्योंकि दो से अधिक बच्चों वाला व्यक्ति स्थानीय स्वशासन चुनाव में खड़ा नहीं हो सकता।
उन्होंने बताया कि इस बाधा को दूर करने के लिए कोंडमंगल ने अपनी तीसरी संतान की हत्या की साजिश रची। उसकी पत्नी और वर्तमान सरपंच भी इस षड्यंत्र का हिस्सा हैं। योजना के अनुसार कोंडमंगल अपनी बच्ची को नांदेड़ ले जाने के नाम पर अपनी दोपहिया पर पड़ोसी राज्य तेलंगाना के एक गांव ले गया, जहां उसने लड़की की हत्या कर दी और घर लौट आया।
पुलिस की कड़ी पूछताछ में कोंडमंगल ने अपराध कबूल कर लिया। पहले उसने कहा था कि गरीबी और खराब वित्तीय स्थिति ने उसे बेटी की हत्या के लिए मजबूर किया। बाद में हालांकि उसने स्वीकार किया कि असली मकसद सरपंच चुनाव में खड़े होने के लिए पात्र बनना था।



