भिवाड़ी में गत्ते के कारखाने में भीषण आग, बिहार के 7 श्रमिकों की दर्दनाक मौत

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अलवर/भिवाड़ी। अलवर जिले के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह एक गत्ते के कारखाने में अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में बिहार के सात श्रमिकों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

सुबह सवा नौ बजे लगी आग, मिनटों में विकराल रूप

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब सवा नौ बजे फैक्ट्री में आग लगी, जिसने कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी तेज थी कि अंदर मौजूद मजदूर बाहर निकल नहीं सके। मौके से सात शव बरामद किए गए हैं, जो पूरी तरह जलकर कंकाल में तब्दील हो चुके थे।

दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंचे

आग की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, दमकल विभाग, बचाव दल और चिकित्सा टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया है।
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है।

सात शव बरामद, चार झुलसे, दो गंभीर

पुलिस अधीक्षक मनीष चौधरी ने बताया कि इनमें सात लोगों के शव बरामद हुए हैं और चार झुलस गए हैं। दो घायलों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई जबकि दो की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों के डीएनए सैंपल जांच के लिए प्राप्त कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना में सात मृतकों में से तीन की पहचान कर उनके डीएनए सैंपल ले लिए गए हैं। परिजनों से मैच करने के बाद उनके शव परिजनों को सुपुर्द किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि इस हादसे में सुजांत पासवान, (मोतिहारी बिहार), मिंटू पासवान, (मोतिहारी), अजीत (मोतिहारी), रवि (मोतिहारी) श्याम (चंपारण), अमरेश (चंपारण) एवं शशि भूषण की मौत हो गई। चौधरी ने बताया कि पुलिस जांच में जुटी है और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किया जा रहे हैं। फैक्ट्री में कौन-कौन लोग काम कर रहा था और यहां क्या काम हो रहा था यह सारी जानकारी दर्ज की जाएगी।

फैक्ट्री में पटाखे बनाने की आशंका, जांच तेज

पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई है कि मुख्य द्वार को बंद करके अंदर चोरी छुपे काम होता था। यह फैक्ट्री रेडीमेड वस्त्रों के लिए पंजीकृत थी, लेकिन इसमें पटाखे बनाए जाते थे। सुबह करीब 10 बजे से रात को 10 बजे तक इसमें काम होता था। यह फैक्ट्री का मूल मलिक राजेंद्र कुमार है उसका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है उसके पते की पुष्टि कर ली गई है। चौधरी ने बताया कि इस फैक्ट्री में 15 दिन पहले ही पटाखे बनाने का काम शुरू किया गया था।

कलेक्टर आर्तिका शुक्ला का बयान

कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने मौके पर पहुंचकर बताया कि मृतक बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले थे। उन्होंने कहा कि यह इकाई फैक्ट्री अधिनियम के तहत कवर नहीं होती क्योंकि यहां 10 से कम मजदूर कार्यरत थे। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से नमूने एकत्र कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

फैक्ट्री संचालक की तलाश जारी

प्रशासन ने फैक्ट्री संचालक की तलाश शुरू कर दी है। प्रबंधक से संपर्क कर उसे मौके पर बुलाया गया है। कलेक्टर ने यह भी कहा कि हादसे के वक्त फैक्ट्री बाहर से बंद थी। यदि दरवाजा खुला होता तो मजदूरों की जान बच सकती थी। फैक्ट्री में आग की घटना के समय वहां 16 श्रमिक काम कर रहे थे।

औद्योगिक क्षेत्र में होगी व्यापक जांच

प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि अब औद्योगिक क्षेत्र की अन्य इकाइयों की भी जांच की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि फैक्ट्री जिस नाम से पंजीकृत है, उसमें वही कार्य हो रहा है या नहीं। मृतकों के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को बेहद त्रासद और पीड़ादायक बताते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि भिवाड़ी में आग की घटना अत्यंत दुखद है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।