जातिवाद का विमर्श हिंदुओं पर थोपा गया : सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगले

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राष्ट्र कार्य के लिए सावरकर जी का अध्ययन आवश्यक
जयपुर। हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगले ने अपने जयपुर प्रवास के दौरान विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ संवाद कर राष्ट्र और धर्म रक्षा का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने सावरकर दर्शन प्रतिष्ठान, जयपुर महाराष्ट्र मंडल और हिंदू जनजागृति समिति के प्रतिनिधियों से भेंट की।

सावरकर दर्शन प्रतिष्ठान (राजस्थान शाखा) के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए सद्गुरु डॉ. पिंगले ने कहा कि हिंदू जाति में बंटे हैं, यह एक गलत विमर्श (नैरेटिव) है, जो योजनाबद्ध तरीके से हम पर थोपा गया है। वास्तविकता यह है कि वर्तमान व्यवस्था और राजनीति ने हिंदुओं में भेद पैदा किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज हमें स्वातंत्र्यवीर सावरकर जी की भांति अध्ययनपूर्वक राष्ट्र-रक्षा और हिंदू जागृति के कार्य को आगे बढ़ाना होगा।

इस अवसर पर संस्थान के सदस्यों ने सद्गुरु का भावपूर्ण स्वागत कर उन्हें सावरकर जी का चित्र भेंट किया। कार्यक्रम में प्रदेश संयोजक विजया पारीक, सह संयोजक राघव गर्ग, सुशीला परिहार और प्रवीण सिंह राजावत सहित अन्य प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।

जयपुर महाराष्ट्र मंडल से भेंट

इसी प्रवास के अंतर्गत सद्गुरु डॉ. पिंगले ने जयपुर महाराष्ट्र मंडल के प्रतिनिधि मंडल के साथ भी सार्थक वार्तालाप किया। इस चर्चा के दौरान मुख्य रूप से इस विषय पर विचार-विमर्श हुआ कि नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली धर्म-संस्कृति से जोड़ने के लिए किस प्रकार के विशेष आयोजन किए जा सकते हैं। इस बैठक में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष संजय कर्णिक, उपाध्यक्ष नितिन ताटके, कोषाध्यक्ष मुकुंद सोहोनी और कार्यकारिणी सदस्य रमेश कुलकर्णी उपस्थित रहे।

सद्गुरु डॉ. पिंगले का यह प्रवास जयपुर में राष्ट्र-प्रेम और सांस्कृतिक चेतना को जगाने की दिशा में अत्यंत प्रेरणादायक सिद्ध हो रहा है।