राजस्थान मंत्रालयिक कर्मचारी परिषद का दशम प्रदेश अधिवेशन

0

अजमेर से महेन्द्र तीर्थाणी बने प्रदेश संगठन महामंत्री
अजमेर। राजस्थान मंत्रालयिक कर्मचारी परिषद का दशम अधिवेशन जयपुर में आदर्श विद्या मन्दिर के ऑडीटेरियम में सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रोढ़ सेवा प्रमुख कैलाशचन्द्र, विशिष्ठ अतिथि विधायक सिविल लाईन्स गोपाल शर्मा, भारतीय मजदुर संघ के प्रदेश मंत्री कैलाश शर्मा, राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मेघवान सिंह सहित परिषद के सरंक्षक अनूप सक्सैना, प्रदेशाध्यक्ष अरविन्द सिंह राव, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी प्रदेश महामंत्री कमलेश शर्मा व अधिवेशन संयोजक सतीश पंचोली ने विचार प्रकट किए।

अजमेर से जिलाध्यक्ष अनिल जैन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया जिसमें प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मणदास तुनगारिया, वंशप्रदीप सिंह, दीपक मण्डोलिया, वासुदेव मंघनाणी, विमल गुरू, अमृत अग्रवाल, निशांत कच्छावा, प्रणत जयसवाल, अंतरिक्ष माथुर, शुभ कमार जैन, मुकेश मून्दडा, राजकुमार भाटी सहित अलग अलग विभागों के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

अधिवेशन संयोजक सतीश पंचौली ने बताया कि अधिवेशन का उदघाटन सत्र दीप प्रज्जवलन व भारत माता पूजन के बाद महीपाल सिंह राठौड़ क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख द्वारा सामूहिक राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम गाकर आरंभ किया गया।

अजमेर के तीर्थाणी बने प्रदेश संगठन महामंत्री

परिषद् की आगामी तीन वर्ष की कार्यकारिणी के लिए प्रदेशाध्यक्ष अरविन्द सिंह राव, प्रदेश महामंत्री कमलेश शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री महेन्द्र कुमार तीर्थाणी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष संदीप धाभाई, संयुक्त महामंत्री विजय कृष्ण भारद्वाज, कोषाध्यक्ष प्रेम शंकर आमेटा, उपाध्यक्ष सतीश पंचौली, सह मंत्री अमित शाण्डिल्य के साथ प्रदेश संरक्षक अनूप सक्सेना, मार्गदर्शक मण्डल में महिपाल सिंह, विजय सिंह चौहान को दायित्य दिया गया है जो मिलकर संगठन की शेष कार्यकारिणी व पदाधिकारियों की घोषणा करेंगे।

लंबित मांगों पर हुई चर्चा

अधिवेशन में आए प्रतिनिधियों ने अलग अलग प्रस्ताव देकर अपने विचार पकट किए जिसमें मुख्यतः सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों को समस्त परिलाभ सेवानिवृति के दिवस ही उपलब्ध हो, कर्मचारियों की ओर से जीपीएफ व बीमा के ऋण का भुगतान भी समय पर होने चाहिए, 2004 से नियुक्त कर्मचारियों का पुरानी पेंशन योजना में विकल्प में नई पेंशन के पीएफ में जमा राशि तुरन्त हस्तांतरित की जाए, 30 जून को सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों को वेतनवृद्धि को पेंशन सम्बन्धी समस्त परिलाभों में जोडी जाए, आरजीएचएस योजना में निजी चिकित्सालय में कर्मचारियों को पूर्ण सुविधा का लाभ मिलने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, राज्य सरकार द्वारा मंत्रालयिक सवंर्ग के निजी सहायक वर्ग के निजी सचिव का वेतनमान पे लेवल 16 (6600) परिर्वतन का शीघ्र निर्णय लेकर आदेश प्रसारित कराए, मंत्रालयिक कर्मचारियों को पदौन्नति पर पदस्थापन मुख्यालय पर ही किया जाए, मंत्रालयिक सवंर्ग को एसीपी का लाभ 8.16.24 व 32 वर्ष परिलाभ दिलाना, केन्द्र के समान भत्ते, सहायक प्रशासनिक अधिकारी को 4200 ग्रेड पे देना, मंत्रालयिक सवंर्ग हेतु निदेशालय का शीघ्र गठन सहित प्रस्तावों पर प्रदेश की ओर से मांग पत्र तैयार का सरकार को द्विपक्षीय वार्ता के लिए सौंपा जाएगा।