
सबगुरु न्यूज- आबूरोड। सिरोही में भाजपा संगठन पर विपक्ष के साथ साथ खुद सत्ता पक्ष के लोग ये आरोप लगा रहे हैं कि जिला संगठन को अवैधानिक और अनैतिक कामों से जुड़े लोग चला रहे हैं। शराब तस्कर और बजरी की अवैध रॉयल्टी वसूली के साथ जिस काम से जुड़े लोगों द्वारा भाजपा का संचालन करने का आरोप लगा है उसमें स्पा संचालक भी शामिल हैं। इन्हें भी सिरोही के राजनीतिक गलियारे में नैतिक कामों में नहीं गिना जाता है। भाजपा पर ये आरोप लगाने वालों में विपक्ष के नेता संयम लोढ़ा समेत भाजपा नेता वीरेंद्र सिंह चौहान और तेजराज सोलंकी भी शामिल हैं। अब सिरोही जिला मुख्यालय समेत आबूरोड भाजपा में भी तीन दिन से ये चर्चा आम हो चली है कि स्पा संचालकों के हस्तक्षेप से अब जिले के कार्मिकों के स्थानांतरण भी होने लगे हैं।
– सिरोही भेजा
सिरोही और आबूरोड में राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में ये चर्चा है कि आबू-पिंडवाड़ा विधानसभा के एक कार्मिक को उसके मूल स्थान से जिले में ही अन्यत्र भेज दिया गया। वजह ये बताई जा रही है कि सिरोही के एक नेता के करीबी कथित स्पा संचालक का काम उसकी वजह से अटक गया। संगठन में चर्चा हो गई कि स्पा संचालकों को कथित रूप से संरक्षित करने वाले सिरोही विधानसभा में अपना राजनीतिक भविष्य देख रहे नेता का ईगो हर्ट हो गया। जिस कथित स्पा संचालक की चर्चा आबूरोड में है उसके द्वारा बड़े नेताओं के आगमन पर सिरोही के नेता के साथ होर्डिंग बैनर्स लगवाने पर भी काफी चर्चा हुई थी। इस स्थानांतरण के बाद फिर से सिरोही और आबूरोड भाजपा में ये चर्चा तेज हो गई कि संगठन को स्पा संचालक चला रहे हैं।
– मंत्री से मिले ग्रामीण तो बताई ये वजह
पार्टी सूत्रों के अनुसार इस स्थानांतरण को लेकर ग्रामीण और भाजपा के स्थानीय नेता ओटाराम देवासी से भी सर्किट हाउस में मिले थे। देवासी को इन लोगों ने जो मुद्दा बताया उसके अनुसार स्थानांतरित कार्मिक रजिस्ट्री का भी काम देखता है। कथित रूप से स्पा और होटल संचालक एक भूमि की रजिस्ट्री के लिए गया था। रजिस्ट्री से पहले सरकार की रिवेन्यु चोरी की रोक के लिए कार्मिक भूमि की स्थिति आदि की जानकारी बेचने और खरीद वाले दोनों से करते हैं। इसी तरह की पूछताछ कार्मिक ने बेचने वाले से की।
बेचने वाले ने कार्मिक को बताया कि वो एक बीघा जमीन बेच रहा है जबकि नेता जी द्वारा कथित रूप से संरक्षित खरीदार द्वारा पेश दस्तावेज में डेढ़ बीघा लिखा हुआ था। पूछताछ में ही ये बात बेचने वाले को पता चल गई दस्तावेज में एक की जगह डेढ़ बीघा जमीन लिखी हुई है। फिर उसने उस दिन बेचान निरस्त कर दिया। यही बात खरीदार को चुभ गई कार्मिक का स्थानांतरण हो गया। ओटाराम देवासी ने इस मामले में जांच करने का भी आश्वासन ग्रामीणों को दिया था।
– राठौड़ ने की थी जांच की बात
सिरोही भाजपा जिला संगठन पर लगातार स्पा संचालकों के प्रभाव में काम करने के आरोप लग रहे हैं। सिरोही आगमन पर इस संबंध में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की पत्रकार वार्ता में भी सवाल पूछा गया था। राठौड़ को पहले तो इसे स्वीकारने में दिक्कत हुई लेकिन, इस तरह के आरोप संगठन से ही आने के कारण उन्होंने इस पर गम्भीरता भी दिखाई। उन्होंने कहा था कि इस तरह की स्थिति है तो वो इसकी जांच करवाएंगे। कार्यकर्ता कहने लगे हैं कि राठौड़ जांच तो नहीं करवा पाए लेकिन स्पा संचालक कांग्रेस और भाजपा नेताओं के आरोपों को सिद्ध करते हुए अपनी चवन्नी संगठन में यथावत जारी रखे हुए हैं। सबसे ज्यादा आश्चर्यजनक बात ये है कि मदन राठौड़ जब ये जांच की बात कर रहे थे तो इस स्थानांतरण में कथित भूमिका वाले कथित होटल – स्पा संचालक फोटो फ्रेम में आने के लिए उनके आसपास आने को कोशिश कर रहे थे।
– वर्चस्व की लड़ाई कहां तक जाएगी
पार्टी के कार्यकर्ताओं का भी कहना है कि पिछले डेढ़ साल से भाजपा के जनप्रतिनिधियों और संगठन के नेता में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। ये लड़ाई जनप्रतिनिधियों को तो शायद इसलिए नुकसान नहीं पहुंचा पाएगी क्योंकि यहां के अधिकांश जनप्रतिनिधि अपनी जातिगत विशिष्टता से आए हैं और इनके खिलाफ तलवार ताने हुए संगठन पदाधिकारियों को चुनाव लड़ने में इन्हीं की जातियों पर निर्भर रहना है। संगठन सूत्रों की मानें तो सिरोही, रेवदर और पिंडवाड़ा आबू के जनप्रतिनिधियो से संगठन के नेता के अहंकार से टकराव की स्थिति करीब डेढ़ साल से बरकरार है।
-छोटे कार्यकर्ताओं को बनाने लगे शिकार!
बड़े नेताओं की वर्चस्व की लड़ाई में सबसे ज्यादा छोटे कार्यकर्ता पिस रहे हैं। पार्टी के सूत्रों की ही माने तो हाल में इन नेताओं की इसी वर्चस्व की लड़ाई में रेवदर के एक पूर्व जनप्रतिनिधि के समर्थक भी पिस रहे हैं। पार्टी सूत्र के अनुसार बड़े नेता संगठन के दूसरे गुट के नेताओं के समर्थक ठेकेदारी से जुड़े छोटे नेताओं को भी अपना शिकार बनाने लगे हैं। जिले के ही एक नेता और उनके लख्ते जिगर का नाम आबूरोड और रेवदर में बजरी खनन में अवैध वसूली से जुड़े लोगों के समर्थन में उछल रहा है।
कांग्रेस के संयम लोढ़ा और भाजपा के तेजराज सोलंकी व वीरेंद्रसिंह चौहान जैसे नेताओं ने शराब और स्पा के साथ बजरी के धंधे से जुड़े नेताओं को भी संगठन के लिए घातक बताया था। तो रेवदर में चर्चा ये है कि इन्हीं इलाकों में बजरी के धंधे से जुड़े नेता के समर्थक ने ठेकदारी से जुड़े नेता के बजरी के स्टॉक को शिकायत करके जब्त करवा दिया। पार्टी में ही आरोप लगने लगे हैं कि अपनी बजरी का उठाव बढ़ाने के लिए बड़के नेता के समर्थक अपने ही संगठन के छोटे नेताओं के कामों पर निशाना साधने लगे हैं।


