चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पंचकुला के सेक्टर-5 स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में हजारों लोगों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। इस अवसर पर 16 देशों के सैकड़ों युवाओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दिया।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि योग सीमाओं, भाषाओं और संस्कृतियों से परे मानवता को एकजुट करने की शक्ति रखता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस वैश्विक जन आंदोलन बन चुका है और आज पूरी दुनिया भारत की इस प्राचीन विरासत को अपना रही है।
उन्होंने कहा कि योग तनाव, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और मोटापे जैसी जीवनशैली संबंधी समस्याओं से निपटने का प्रभावी माध्यम है। युवाओं से प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग करने का आह्वान करते हुए उन्होंने इसे स्वस्थ और विकसित भारत की आधारशिला बताया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘वृद्ध सेवा एवं स्वास्थ्य पोर्टल’ तथा ‘संजीवनी योग कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया। साथ ही हरियाणा योग आयोग की पत्रिका ‘योगमय हरियाणा’, कॉमन योग प्रोटोकॉल पुस्तिका और योग गुरु स्वामी रामदेव की पुस्तक ‘योगर्षि-योगनिघंटुः’ का विमोचन भी किया। समारोह में स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री आरती सिंह राव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कक्षा तीन से 9 तक के पाठ्यक्रम में शामिल होगी योग शिक्षा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में योग को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इन पहलों का उद्देश्य योग को जन आंदोलन का रूप देना और विद्यार्थियों व युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी शैक्षणिक सत्र से कक्षा तीन से नौ तक के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में योग शिक्षा को शामिल किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा उनमें बचपन से ही स्वस्थ आदतें विकसित होंगी।
विद्यालयों में योग शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए सभी पीटीआई, डीपीईडी शिक्षकों, पीजीटी और नामित पीआरटी शिक्षकों को योगासनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को नियमित रूप से प्रशिक्षित मार्गदर्शन मिल सके।
उन्होंने बताया कि हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (एचएसएससी) और हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (एचपीएससी) की सभी परीक्षाओं में योग से संबंधित प्रश्न अनिवार्य रूप से शामिल किए जाएंगे। इसके लिए परीक्षा नीति में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने मोरनी में राज्य स्तरीय प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग संस्थान स्थापित करने की घोषणा भी की, जहां स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। साथ ही राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में स्थापित किए जा रहे पांच उत्कृष्टता केंद्रों में योग को प्रमुख घटक के रूप में शामिल किया जाएगा, जिससे योग शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
योग को संस्थागत स्वरूप देने के लिए राज्य के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के खेल विभागों का नाम बदलकर “खेल एवं योग विभाग” किया जाएगा। इसके अलावा योगासन को हरियाणा की खेल नीति के तहत एक खेल विधा के रूप में शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद पाठ्यक्रम के तत्वों को योग पाठ्यक्रम से जोड़ा जाएगा, ताकि स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति समग्र दृष्टिकोण विकसित हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि आयुष योग कोच और योग प्रशिक्षकों के स्वीकृत रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां की जाएंगी।
एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा में उन्होंने कहा कि हरियाणा के सभी सरकारी विद्यालयों में प्रातःकालीन सभाओं के दौरान राज्य गीत का सामूहिक गायन सुनिश्चित किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में राज्य के प्रति गौरव, अनुशासन, राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी पहल योग को केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित न रखकर एक वैज्ञानिक और संतुलित जीवनशैली के रूप में स्थापित करने में सहायक होंगी।



