कोलकाता। कोलकाता स्थित कांग्रेस मुख्यालय बिधान भवन में बुधवार को टिकट बंटवारे को लेकर हुए विवाद से विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में गुटबाजी खुलकर सामने आ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नाराज कार्यकर्ताओं के बीच पहले तीखी बहस हुई, जो बाद में हाथापाई में बदल गई। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हालात काबू में लाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। विवाद की वजह बाहरी उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने के आरोप बताए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय इकाइयों में असंतोष बढ़ गया।
प्रदर्शनकारियों ने ऐसे उम्मीदवारों को वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी की और दफ्तर के बाहर सड़क पर धरना दिया।झड़प के दौरान एक कांग्रेस कार्यकर्ता के सिर पर लोहे की रॉड से हमला किए जाने की खबर है, जिससे वह घायल हो गया। वहीं, अफरा-तफरी के बीच महिला कार्यकर्ताओं के साथ कथित बदसलूकी की भी शिकायतें सामने आई हैं और इसी दौरान एक महिला बेहोश हो गई।
कुछ कार्यकर्ताओं ने युवा कांग्रेस नेता काशिफ रेजा पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। बालीगंज विधानसभा सीट से टिकट के दावेदार श्री जाहिद हुसैन ने आरोप लगाया कि रेजा ने कार्यकर्ताओं पर हमला करने के लिए लोगों को बुलाया था। श्री हुसैन को टिकट नहीं मिला है, जबकि इस सीट से दिवंगत नेता सोमेन मित्रा के बेटे रोहन मित्रा को उम्मीदवार बनाया गया है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा 284 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी किए जाने के बाद से ही असंतोष बढ़ रहा था। आमता, बागनान, श्यामपुर, उलूबेरिया दक्षिण और उलूबेरिया पूर्व सहित कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता असित मित्रा ने भी आमता क्षेत्र में उम्मीदवार चयन को लेकर नाराजगी जताई है।
पूर्व बर्दवान जिले में भी नामांकन को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस कार्यालय में तोड़फोड़ की गई और प्रदर्शनकारियों ने ताले तोड़कर नए ताले लगा दिए। फालाकाटा में भी ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना सामने आई है।
घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस समिति सदस्य अधीर रंजन चौधरी ने हिंसा की कड़ी निंदा की और कार्यकर्ताओं से अनुशासनहीन और अस्वीकार्य व्यवहार से बचने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।



