ट्रंप की हत्या की संभावित ईरानी योजनाओं पर इजराइल ने अमरीका से साझा की खुफिया जानकारी

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येरूशलेम। इजराइल ने अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कथित ईरानी साजिशों को लेकर अमेरिका के साथ खुफिया इनपुट साझा किए हैं।
इस आशय की रिपोर्ट चैनल 12 ने दी है।

मामले से वाकिफ लोगों ने वॉल स्ट्रीट जर्नल (डब्ल्यूएसजे) को बताया कि इजराइली खुफिया तंत्र ने अमरीकी राष्ट्रपति की हत्या की नई साजिश रचे जाने का इशारा किया है। रिपोर्ट से हालांकि यह साफ नहीं हो सका है कि यह खुफिया जानकारी कब और किस जरिए से भेजी गई थी।

डब्ल्यूएसजे के अनुसार पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के जनाजे के दौरान ईरान के कई वरिष्ठ अधिकारियों और धर्मगुरुओं ने खुलेआम बयान देकर बदले के तौर पर ट्रंप की हत्या की मांग की है।

अखबार के मुताबिक ट्रंप को जान से मारने की धमकियां कोई नई बात नहीं हैं। वर्ष 2020 में जब अमरीका ने ईरानी आईआरजीसी कुद्स फोर्स के जनरल कासिम सुलेमानी को ढेर किया था, तभी से ट्रंप तेहरान के सबसे बड़े दुश्मन बन गए और उन्हें जान से मारने की मांग लगातार तेज होती रही।

दो अमरीकी अधिकारियों ने हालांकि चैनल 12 न्यूज को बताया कि यह जानकारी किसी तय साजिश के बजाय अमरीकी राष्ट्रपति की संभावित हत्या को लेकर ईरानी अधिकारियों के बीच हुई सामान्य बातचीत से जुड़ी थी।

अधिकारियों के मुताबिक उनका मानना है कि इजराइल ने अमरीका को यह जानकारी प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और ट्रंप के बीच रिश्तों को सुधारने के मकसद से दी थी, जिनके बीच संघर्ष के दौरान अक्सर मतभेद देखे गए थे। इसके साथ ही इजराइल ईरान पर अमरीका के फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश भी कर रहा था।

एक अधिकारी ने कहा कि इजराइल पिछले एक वर्ष में ईरान और उससे जुड़े आतंकी गुटों की ऐसी ही योजनाओं को लेकर पहले भी इसी तरह की जानकारियां दे चुका है।

वर्ष 2024 में कान को छूकर निकली गोली समेत कई जानलेवा हमलों का सामना कर चुके ट्रंप ने इस हफ्ते अपने खिलाफ मिल रही धमकियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मैं उनकी हर सूची में हूं, आज सुबह ही मैंने यह देखा है। अब तक तो किस्मत ने साथ दिया है, लेकिन शायद यह आगे बहुत दिनों तक न चले।

इससे पहले उन्होंने अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान भी यह दावा किया था कि उन्हें अपना ‘नंबर वन लक्ष्य’ मानने वाला ईरान उनकी हत्या कर सकता है।