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नई दिल्ली। आभूषण विक्रेताओं की ओर से मांग घटने और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में पिछले तीन दिन की तेजी का सिलसिला टूट गया और सोना 20 रुपये की गिरावट के साथ 28,710 रपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं के कमजोर उठान से चांदी भी 500 रुपये की गिरावट के साथ 40,100 रुपये प्रति किलो रह गई। बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशों में कमजोरी के रख के अलावा घरेलू हाजिर बाजार में स्थानीय आभूषण विकेताओं की मांग में गिरावट के कारण बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में गिरावट आई। गत तीन कारोबारी सत्रों में सोने में कुल 430 रुपये की तेजी आई थी।
सिंगापुर में सोना 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,174.50 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.97 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16.39 डॉलर प्रति औंस रह गया। स्थानीय बाजार में सोना 99.9 और 99.5 प्रतिशत शुद्धता 20-20 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 28,710 रुपये और 28,560 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए गिन्नी 24,200 रुपये प्रति आठ ग्राम पर स्थिर रही।
चांदी तैयार 500 रुपये की गिरावट के साथ 40,100 रुपये प्रति किलो और साप्ताहिक डिलीवरी 470 रपये की गिरावट के साथ 40,110 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई। हालांकि चांदी सिक्का लिवाल 71,000 रुपये और बिकवाल 72,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर स्थिर रहा।
खड़गपुर। दुनिया की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई आज आईआईटी खड़गपुर में थे जहां उन्होंने पढाई की थी। उन्होंने छात्रों के साथ एक कार्य्रकम में अपने पढ़ाई और कालेज के दिनों की यादों का ताजा किया। इसी दौरान उन्होंने बताया कि वे नारायण मूर्ति व सचिन तेंदुलकर के प्रशसंक हैं।
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने आज कबूल किया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड्गपुर में जब वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे, उस वक्त वह क्लास से गायब हुआ करते थे। पिचाई ने इस बात पर हैरत भी जताई कि आईआईटी में पढ़ाई कर रहे युवा भारतीय प्रबंध संस्थानों (आईआईएम) में दाखिले की तैयारी में लगे होते हैं। उन्होंने असल दुनिया के तजुर्बे हासिल करने की अहमियत पर भी जोर दिया।
यहां आईआईटी के छात्रों से मुखातिब पिचाई ने कहा, ‘(भारत में) आपके पूरे करियर के दौरान कुछ तय नियमों का पालन करने का खासा दबाव होता है । जब आप हाई स्कूल में होते हैं, तो आप कॉलेज के बारे में सोचते हैं । मुझे हैरत होती है कि लोग आईआईटी में दाखिला लेते ही आईआईएम के बारे में सोचने लग जाते हैं।असल दुनिया का तजुर्बा हासिल करना काफी अहम है।’
साल 1993 में बी.टेक की पढ़ाई पूरी करने के 23 साल बाद अपने संस्थान में आए पिचाई ने कहा कि छात्र किताबों और शैक्षणिक तौर पर सीखने में काफी वक्त देते हैं।अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए थोड़ा भावुक हुए पिचाई छात्रावास के उस कमरे में भी गए जहां वह रहते थे। उन्होंने शिक्षकों से मुलाकात की और छात्रों से मुखातिब हुए।
पिचाई से जब पूछा गया कि क्या वह भी क्लास से गायब हुआ करते थे, तो उन्होंने कहा, ‘बेशक।’ उन्होंने कहा, ‘हम देर रात तक जागते थे और सुबह क्लास से गायब रहा करते थे।’ पिचाई ने कहा कि उन्हें यह सुनकर काफी अचंभा हुआ कि आठवीं क्लास में पढ़ने वाले कुछ छात्र आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी शुरू कर चुके हैं।
उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा, ‘मेरे समय में काफी लोग कहा करते थे कि यह शख्स फलां कॉलेज में दाखिला नहीं ले सका और अब उसके लिए रास्ते बंद हो गए।’ पिचाई ने आईआईटी के छात्रों को सलाह दी कि वे कुछ अलग करने की कोशिश करें, जोखिम लें, हर हुनर को सीखें और अपने जुनून को मानें।
बहरहाल, उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भारत की आधारशिला काफी मजबूत है, क्योंकि माता-पिता या अभिभावक हमेशा इसी बारे में बात करते हैं। पिचई ने कहा कि अमेरिका में, उदाहरण के तौर पर स्टैनफोर्ड में, छात्र प्रमुख विषय तभी चुनते हैं जब वे अपने अंतिम वर्ष में होते हैं।
चेन्नई में जन्में पिचाई ने अपनी पत्नी अंजलि से यहां पहली मुलाकात का भी जिक्र किया और बताया कि किस तरह हिंदी के कम ज्ञान के चलते वे परेशानी में फंसते फंसते बचे।
उन्होंने कहा कि उन्हें हिंदी आती है लेकिन इतनी अच्छी भी नहीं। यही कारण है कि एक बार उन्हें मैस में ही एक दोस्त को ‘अबे साले’ कहकर आवाज दी क्योंकि उन्हें लगता था कि यह हिंदी में किसी के अभिवादन का तरीका है।
उन्होंने कहा कि बीते 23 साल में बहुत कुछ बदल गया है लेकिन बहुत सी चीजें अब भी वैसी ही हैं। जैसे कि जिस छात्रावास में वे रहे वह अब भी वैसा ही है।उन्होंने कहा कि पढाई के दिनों में नारायण मूर्ति उनके आदर्श थे और उन्हें सचिन तेंदुलकर को खेलते देखना बहुत अच्छा लगता था।
Delhi government] approves fourth phase of Metro rail
नई दिल्ली। दिल्ली मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को मेट्रो फेज 4 को अंतिम मंजूरी दे दी। इस फेज में अगले 6 साल में कुल 50 हजार करोड़ की लागत से कुल 79 स्टेशनों का निर्माण होगा।
नई दिल्ली। नोटबंदी के बावजूद दिसंबर में खादी एवं ग्रामोद्योग की वस्तुओं की बिक्री में 9.25 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग देशभर में 7,100 बिक्री केंद्रों के माध्यम से बिक्री करता है।
आयोग के अध्यक्ष वीके सक्सेना ने एक बयान में कहा कि 1,000 और 500 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर किए जाने के बावजूद आयोग की बिक्री प्रभावित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद शुरुआती दो-तीन दिन में बिक्री में कमी देखी गई लेकिन डिजिटल भुगतान के विभिन्न माध्यमों को प्रोत्साहन दिए जाने के चलते इसमें जल्द ही सुधार हो गया।
इसके अलावा आयोग ने 2,000 रुपये से ज्यादा की डिजिटल खरीदारी करने पर कई तरह की छूट और उपहार की भी घोषणा दी थी। इसके अलावा आयोग ने अपने बिक्री केंद्रों पर डिजिटल भुगतान करने पर एक प्रतिशत अतिरिक्त छूट भी मुहैया कराई। गौर तलब है कि सरकार ने 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की थी।
कानपुर। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता ओमपुरी का दिल का दौरा पड़ने के चलते शुक्रवार को दुनिया से अलविदा हो गए पर कानपुर में उन्होंने जो दिल खोलकर बाते कही थी वह अब यादें बनकर रह गई।