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वायुसेना का लापता विमान एएन-32 नहीं मिला, केस दर्ज

नई दिल्ली। 48 घंटे के गहन खोज अभियान के बाद भी भारतीय वायुसेना के परिवहन विमान एएन-32 का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। विमान में 29 लोग सवार थे।
सावन के सोमवार की महत्ता, शिव की आराधना से खत्म होंगी बाधाएं

इस बार पवित्र सावन माह में चार सोमवार पड़ रहे हैं। इन चारों दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं। इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से सभी बाधाएं खत्म होंगी। सावन महीने का पहला सोमवार 25 जुलाई को है।
सावन के पहले सोमवार को लेकर शिवालयों में विशेष तैयारियां चल रही हैं। श्रद्धालु भी इस दिन के व्रत और भगवान शिव की विशेष पूजा के लिए तैयारी में जुटे हुए हैं। उत्तर प्रदेश के शिवालयों में कांवड़ियों और अन्य श्रद्धालुओं की इस दिन होने वाली भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किये गये हैं।
पौराणिक शास्त्रों में बताया गया है कि भगवान शंकर को सावन (श्रावण) का महीना बहुत ही प्रिय है। इस माह में वह अपने भक्तों पर अतिशय कृपा बरसाते हैं। इस पवित्र माह में भी सोमवार का विशेष महत्व होता है।
सावन का आगमन प्रतिपदा तिथि और उत्तर आषाढ़ नक्षत्र में 20 जुलाई को हुआ। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो 50 वर्ष बाद सावन में ऐसा योग बन रहा है, जिसमें रोजगार में तरक्की, आय में वृद्धि ज्ञान और कृषि के क्षेत्र में उन्नति की संभावनाएं प्रबल हैं। इसी के साथ बीमारियों से छुटकारा दिलाने वाले जैसे कई ग्रह परिवर्तन भी इसी महीने में हो रह हैं।
शास्त्रों के अनुसार श्रावण माह शुरु होने से पहले ही देवशयनी एकादशी को भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसलिए यह समय भक्तों, साधु-संतों के लिए अमूल्य होता है। यह चार महीनों में होने वाला एक वैदिक यज्ञ है, जो एक प्रकार का पौराणिक व्रत है जिसे चातुर्मास कहा जाता है।
इस चार मास तक भगवान शिव ही इस सृष्टि के पालनकर्ता रहते हैं। इस दौरान वह ही भगवान विष्णु के भी कामों को भी देखते हैं। ऐसे में चार माह तक त्रिदेवों की सारी शक्तियां भगवान शिव के पास ही रहती हैं। आचार्य ओमप्रकाशाचार्य के अनुसार इस बार ग्रही स्थिति योग के लिहाज से सावन माह शुभता प्रदान करेगा।
सावन के सोमवार की पौराणिक मान्यता
सवन के सोमवार के व्रत के विषय में पौराणिक मान्यता है कि इस व्रत को माता पार्वती ने पति रूप में भगवान शिव को प्राप्त करने के लिये सबसे पहले किया था। इस व्रत के फलस्वरूप ही उन्होंने भगवान शिव पति रूप में प्राप्त किया था। तभी से इस व्रत को मनोवांछित पति की कामना पूर्ति के लिये भी कन्याओं के द्वारा किया जाता है। इसीलिए सोमवार के व्रत का शिव की आराधना और आशिर्वाद प्राप्त करने के लिये विशेष महत्व है।
यह व्रत स्त्री और पुरूष दोनों रख रख सकते हैं। सौभाग्यवती स्त्रियां जहां अपने पति की लम्बी आयु, संतान रक्षा के साथ-साथ अपने भाई की सुख-सम्रद्धि के लिये यह व्रत करती हैं, वहीं पुरूष लोग इस व्रत का पालन संतान, धन-धान्य और प्रतिष्ठा के लिए करते हैं।
सोमवार व्रत का नियमित रूप से पालन करने से भगवान शिव और देवी पार्वती की अनुकम्पा बनी रहती है। जीवन धन-धान्य से भरा रहता है। और व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिलती है। सावन सोमवार व्रत का विधार्थी के लिए बहुत महत्व हैं। इस व्रत को रखने से विधार्थी के ज्ञान में वृद्धि होती हैं।
बेलपत्र और धतूर से होंगे शिव प्रसन्न
सावन में भगवान भोलेनाथ की पूजा दूध, दही, घी, शक्कर, गंगाजल, बेलपत्र, भांग, धतूर, दूब, श्रीफल आदि से करनी चाहिए। इससे पुण्य फलों में वृद्धि होती है। आचार्य ओमप्रकाशाचार्य कहते हैं कि इस दौरान रुद्राभिषेक, शिवपुराण, शिव स्तोत्र पाठ करना भी लाभकारी है।
इस बार सावन के सोमवार
पहला सोमवार-
इस साल सावन का पहला सोमवार 25 जुलाई को है और यह धृति योग में आएगा। साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग भी कुछ समय तक रहेगा। माना जाता है कि इस योग में भगवान शिव की पूजा करने से बाधाओं से मुक्ति मिलती है और योजनाओं को पूरा करने में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
धृति योग के विषय में माना जाता है कि इस योग में जन्म लेने वाले बच्चे धैर्यवान और ज्ञानी होते हैं। इस योग में अगर कोई काम शुरू करेंगे तो कार्य लंबे समय तक चलता रहेगा। इसलिए नया व्यवसाय और लंबी अवधि की योजनाओं को शुरू करने के लिए सावन का पहला सोमवार उत्तम है।
दूसरा सोमवार-
सावन का दूसरा सोमवार एक अगस्त को वज योग में पड़ रहा है। इस दिन भी सर्वार्थ सिद्धि योग है। इस दोनों योगों के कारण सावन का दूसरा सोमवार विशेष फलदायक बन गया है। इस संयोग में शिव स्तुति करने से शक्ति मिलती है और स्वास्थ्य ठीक रहता है। इस सोमवार के दिन भगवान शिव को भांग, धतूरा एवं शहद अर्पित करना उत्तम फलदायी रहेगा।
तीसरा सोमवार-
सावन का तीसरा सोमवार आठ अगस्त को साद्य योग में आएगा। इस योग को साधना और भक्ति के लिए उत्तम माना गया है। इस दिन शिव की पूजा करने से कठिन से कठिन काम भी पूर्ण होंगे।
चौथा सोमवार-
सावन का चैथा सोमवार 15 अगस्त को आयुष्मान योग में होगा। यह सोमवार प्रदोश व्रत को साथ लेकर आ रहा है। प्रदोष व्रत भी भगवान शिव को समर्पित होता है इसलिए इस सोमवार का महत्व और भी बढ़ गया है। इस दिन शिव की अराधना करने वाले जातकों की आयु में वृद्धि होती है। आर्थिक परेशानियों में कमी आती है तथा जीवन पर आने वाले संकट से भगवान शिव रक्षा करते हैं।
ऐसे करें व्रत का पालन
सावन मास में सोमवार के दिन भगवान शिवजी का व्रत करना चाहिए और व्रत के बाद भगवान श्री गणेश जी, भगवान शिव जी, माता पार्वती व नन्दी देव की पूजा करनी चाहिए। सावन में सोमवार का व्रत करने वाले को दिन में एक बार भोजन करना चाहिए। ब्रह्म मुहूर्त में उठें। पूरे घर की सफाई कर स्नानादि से निवृत्त हो जाएं। गंगा जल या पवित्र जल पूरे घर में छिड़कें।
घर में ही किसी पवित्र स्थान पर भगवान शिव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। पूजन सामग्री में जल, दूध, दही, चीनी, घी, शहद, पंचामृ्त, मोली, वस्त्र, जनेऊ, चन्दन, रोली, चावल, फूल, बेल-पत्र, भांग, आक-धतूरा, कमल,गठ्टा, प्रसाद, पान-सुपारी, लौंग, इलायची, मेवा, दक्षिणा चढाया जाता है। सावन सोमवार व्रत सूर्योदय से प्रारंभ कर तीसरे पहर तक किया जाता है। शिव पूजा के बाद सोमवार व्रत की कथा सुननी आवश्यक है।
सावन में कांवड़ यात्रा का भी महत्व
पौराणिक ग्रंथों के अनुसार भगवान शंकर ने जो विषपान किया था, वह घटना भी सावन महीने में ही हुई थी। तभी से यह क्रम अनवरत चलता आ रहा है। कांवड़ यात्रा को पदयात्रा को बढ़ावा देने के प्रतीक रूप में माना जाता है। पैदल यात्रा से शरीर के वायु तत्व का शमन होता है। कांवड़ यात्रा के माध्यम से व्यक्ति अपने संकल्प बल में प्रखरता लाता है। वैसे साल के सभी सोमवार शिव उपासना के माने गए हैं, लेकिन सावन में चार सोमवार, श्रावण नक्षत्र और शिव विवाह की तिथि पड़ने के कारण शिव उपासना का माहात्म्य बढ़ जाता है।
सावन के त्योहार
-02 अगस्त को सोमवती अमावस्या यानी हरियाली अमावस्या।
-06 अगस्त को गणेश चतुर्थी।
-07 अगस्त को नाग पंचमी।
-11 अगस्त को दुर्गाष्टमी पर्व।
-14 अगस्त को पुत्रदा एकादशी।
-15 अगस्त को सोम प्रदोष व्रत एवं सावन का अंतिम सोमवार।
-18 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व।
-30 अगस्त को कामदा एकादशी।
पद्मभूषण तीजन बाई के गहने ट्रेन में चोरी

चंडीगढ़। पांडवानी शैली की विख्यात लोक कलाकार पद्मभूषण डॉ. तीजन बाई के गहने यात्रा के दौरान ट्रेन में चोरी हो गए। उन्हें बिना जेवर के ही महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) रोहतक में प्रस्तुति देना पड़ी।
जानें अपना रविवार का राशिफल और शुभ संयोग

युगाब्ध-5118, विक्रम संवत 2073, राष्ट्रीय शक संवत-1938
सूर्योदय 05.24, सूर्यास्त 06.36, वर्षा-ऋतु, रवि-दक्षिणायन
पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र दिन के 02.47 तक
मौन पंचमी, मधु श्रावणी व्रतारंभ, सर्वार्थ सिद्धि योग, प्रसूति स्नान, अन्नप्रासन, धार्मिक अनुष्ठान मुहूर्त
आज श्रावण कृष्ण पक्ष पंचमी, रविवार 24 जुलाई – 2016 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़े आज का भविष्यफल।
मेष राशि :- आज का दिन आपके लिए लाभदायी है। व्यापार और व्यवसाय में भी अपेक्षित सफलता मिलने की संभावना अधिक है। आय की वृद्धि होगी। आनंद-प्रमोद और मनोरंजक प्रवृत्तियां दिनभर चलती रहेंगी। घर की साज-सजावट में आज नयापन लाएंगे। घर को सजाने की व्यवस्था में भी परिवर्तन आज करेंगे। वाहन-सुख भी मिलेगा। सामाजिक प्रसंग में कहीं बाहर जाने का प्रसंग उपस्थित होगा। रमणीय स्थान पर प्रवास का आनंद ले सकेंगे।
वृष राशि :- आज के दिन आप व्यापार को विकसित करने की ओर अधिक ध्यान देंगे। नई योजनाएं और विचारधारा की नवीनता से व्यापार प्रगति की दिशा में अग्रसर होने लगेगा। फिर भी कार्य में सफलता मिलने में विलंब हो सकता है। मध्याह्न के बाद व्यापार के अनुकूल वातावरण सर्जित होगा। इसी कार्य के लिए कहीं बाहर जाने की संभावनाएं भी उपस्थित हो सकती हैं। पदोन्नति हो सकती है। आपकी कार्यपद्धति से उच्च अधिकारीगण भी आप पर प्रसन्न रहेंगे। पिता और बड़ों से लाभ की आशा है।
मिथुन राशि :- आज आपको अपने खान-पान पर विशेष ध्यान रखना होगा। नकारात्मक विचारों को मन से निकाल देने पर हताशा की अवस्था से उबर पाएंगे। अनैतिक और अप्रमाणिक कार्य विपत्ति में डाल सकता है, इसलिए संभव हो तो उससे दूर रहिएगा। आकस्मिक प्रवास का सुयोग आज अच्छा है। मध्याह्न के बाद अच्छी प्रवृत्तियों के योग हैं, इसलिए मध्याह्न के बाद ही मानसिक अवस्था में कमी आएगी। लेखन या साहित्यिक प्रवृत्ति में विशेष रुची रहेगी। व्यापार में विकास होने से नई योजनाएं भी अमल में आएंगी। फिर भी ऊपरी अधिकारियों के साथ वाद-विवाद में न पड़ें।
कर्क राशि :- किसी के साथ आज भावनात्मक संबंध से बंध सकते हैं और उस सम्बन्ध में आज कुछ अधिक भावनाशील रहेंगे। आनंद-प्रमोद तथा मनोरंजक प्रवृत्ति से मन प्रफुल्लित रहेगा। इस प्रवृत्ति में मित्रों का सहकार मिलने से मनोरंजन का आनंद दुगुना हो जाएगा। मध्याह्न के बाद आपका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। वाहन चलाते समय ध्यान रखिएगा और क्रोध पर संयम रखिएगा। वाणी उग्र न हो जाए, इसका भी ध्यान रखिएगा। नए कार्य को प्रारंभ करने के लिए आज का दिन अच्छा नहीं है।
सिंह राशि :- व्यापार के विस्तार हेतु धन का आयोजन करने के लिए बहुत अनुकूल दिन है। व्यावसायिकों को अपनी अध्यक्षता के नीचे रहे लोगों से व्यावसायिक लाभ होगा। धन प्राप्ति का प्रबल योग है। आय में वृद्धि होने की संभावना है। आर्थिक कष्ट दूर हो जाएगा। अच्छे वस्त्र और अच्छे खान-पान से मन प्रफुल्लित रहेगा। मनोरंजक प्रवृत्ति से मन प्रफुल्लित रहेगा। छोटे प्रवास या पर्यटन का योग है।
कन्या राशि :- वस्त्राभूषणों की खरीदी आपके लिए रोमांचक और आनंददायी रहेगी। कला के प्रति आपकी अभिरुची विशेष रहेगी। घर की साज-सजावट में आज नयापन लाएंगे। घर को सजाने की व्यवस्था में भी परिवर्तन आज करेंगे। वाहन-सुख भी मिलेगा। व्यापार में विकास होने से मन में आनंद छाया रहेगा। व्यवसाय में समय अनुकूल रहेगा। प्रतिस्पर्धियों पर विजय प्राप्त करेंगे।
तुला राशि :- आज का दिन आपके लिए मध्यम फलदायी रहेगा। स्थावर संपत्ति सम्बंधित दस्तावेज करने हेतु सावधानी बरतिएगा। माता के स्वास्थ्य के विषय में चिंता रहेगी। परिवार में तकरार न हो इसका ध्यान रखिएगा, परंतु मध्याह्न के बाद स्वस्थ अनुभव करने पर सृजनात्मक प्रवृत्तियों की ओर ध्यान जाएगा। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है।
वृश्चिक राशि :- आज का दिन व्यवसायियों के लिए अनुकूल है। गृहस्थ जीवन में उलझे हुए प्रश्नों का निराकरण मिलेगा और साथ ही स्थावर संपत्ति से जुड़े हुए कार्यों का भी रास्ता निकलेगा। भाई-बहनों के साथ सम्बंधों में प्रेम बना रहेगा। मध्याह्न के बाद कार्य में प्रतिकूलताओं में वृद्धि होगी। शारीरिक और मानसिक रूप से व्यग्रता का अनुभव होगा। सामाजिक क्षेत्र में अपयश प्राप्त होगा। परिवारजनों के साथ मतभेद रह सकता है। धन की हानि के योग हैं।
धनु राशि :- वाणी और वर्तन पर संयम रखने से अन्य लोगों के साथ मनमुटाव के प्रसंगों को आप टाल सकेंगे। आध्यात्मिक विचार और प्रवृत्तियों में आज दिनभर मन लगा रहेगा। फिर भी विद्यार्थियों के पढने-लिखने में एकाग्रता रखनी पड़ेगी। मध्याह्न के बाद चिंताओं के निवारण करने के उपाय मिलने से मानसिक शांति का अनुभव होगा। शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थता बनी रहेगी। प्रतिस्पर्धा की इच्छाएं फलीभूत नहीं हो पाएंगी।
मकर राशि :- व्यावसायिक क्षेत्र में अनुकूल वातावरण मिलने के योग बन रहे हैं। आज का प्रत्येक कार्य बिना विघ्न के संपन्न होगा। गृहस्थ जीवन में उग्र वातावरण बना रहेगा। आध्यात्मिक प्रवृत्ति में आपकी अभिरुचि रहेगी। कार्यालय में आपका प्रभाव बना रहेगा। मध्याह्न के बाद आपके मन पर नकारात्मक विचारों का आक्रमण होने से मन पर हताशा के बादल छाएंगे। निर्णयशक्ति का अभाव रहेगा। घर के कार्यों के पीछे धन का खर्च होने की संभावना है। पूंजी-निवेश हेतु शेयर बाजार आपके लिए अनुकूल रहेगा।
कुंभ राशि :- आज मानसिक रूप से धार्मिक भावनाओं का उदय अधिक होगा। धार्मिक कार्य अथवा धार्मिक यात्रा के पीछे धन खर्च करेंगे। कोर्ट-कचहरी के कार्य में सफलता प्राप्त होगी। पुण्य कार्य के पीछे धन का व्यय होगा। ईश्वर की आराधना आपके मन को शांति प्रदान करेगी। मध्याह्न के बाद आपके प्रत्येक कार्य सरलतापूर्वक संपन्न होंगे। गृहस्थ जीवन में संवादिता बनी रहेगी। शारीरिक स्वास्थ्य भी बना रहेगा।
मीन राशि :- शेयर-सट्टे की प्रवृत्ति से आज आपको आर्थिक लाभ होगा। विवाहोत्सुकों को योग्य साथी मिलने की संभावना है। व्यावसायिक क्षेत्र में भी लाभ होगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति छाई रहेगी। किसी मनोहर स्थल पर प्रवास हो सकता है। मित्रों से भी लाभ मिलेगा। मध्याह्न के बाद मानसिक रूप से चिंतित रहेंगे। धार्मिक कार्यों के पीछे धन का खर्च अधिक होगा। आय की अपेक्षा खर्च की मात्रा अधिक होगी। परिवार में शांतिदायी वातावरण रहेगा।