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मुम्बई से दौड़ शुरू कर विदेशी धाविका मिचेल कक्कड़ पंहुची कानपुर

foreign runner Michael Kakkar reaches Kanpur
foreign runner Michael Kakkar reaches Kanpur

कानपुर। गिनीज बुक में नाम दर्ज करा चुकी धाविका मिचेल कक्कड़ मुम्बई से दौड़ शुरू कर मंगलवार रात कानपुर पंहुच गई। बातचीत में उन्होंने बताया कि मंगलवार को पनकी पड़ाव के चांद छाप यूरिया आफिस के पास दौड़ को समाप्त किया है। सुबह वहीं से शुरू कर कानपुर को पार करेंगी।

बाप से बदला : महिनों तक बेटी संग गैंगरेप, प्रेगनेंट कर छोडा

class 10th girl gangraped for months, got her pregnant
class 10th girl gangraped for months, got her pregnant

मुजफ्फरपुर।  दबंगों ने बाप के किए की ऐसी सजा बेटी को दी कि मां-बेटी की आंखों से आंसू थमने का नाम नही ले रहे। 10वीं की छात्रा को कुछ लोग अगवा कर महीनों उसके बेहोश होने तक गैंग रेप करते रहे। अब पीडि़ता व उसकी मां गर्भपात के लिए कोर्ट व पुलिस के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, जबकि आरोपी फरार हैं।

धोनी का भविष्य तय करेगा टी -20 : सौरभ गांगुली

former cricketer Sourav Ganguly says dhoni has still cricket left in him
former cricketer Sourav Ganguly says dhoni has still cricket left in him

जमशेदपुर। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने कहा कि टी -20 वर्ल्ड कप महेन्द्र सिंह धोनी का भविष्य तय करेगा। सौरभ गांगुली शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे।

जुवेनाइल जस्टिस बिल पास, निर्भया के माता-पिता खुश

rajya sabha passes juvenile justice bill, nirbhaya's mother satisfied
rajya sabha passes juvenile justice bill, nirbhaya’s mother satisfied

नई दिल्ली। निर्भया कांड के नाबालिग दोषी की रिहाई के बाद देश में छिड़ी बहस के बीच राज्यसभा में मंगलवार को लंबी चर्चा के बाद जुवेनाइल जस्टिस बिल पारित कर दिया गया। अब 16 साल से ज्यादा उम्र का अपराधी बालिग माना जाएगा। इस विधेयक को लोकसभा पहले ही पारित ही कर चुकी थी, इसलिए अब यह कानून बन जाएगा।

रोडवेज कर्मशाला बनी मैदान-ए-जंग, ड्यूटी को लेकर भिड़े कर्मचारी

Ambala city roadways Workshop employee clashes over duty schedule
Ambala city roadways Workshop employee clashes over duty schedule

अंबाला। अंबाला शहर स्थित रोडवेज वर्कशॉप मंगलवार को उस समय मैदान-ए-जंग बन गई जब ड्यूटी को लेकर कर्मचारियों के बीच मामला बहस के बाद मारपीट तक जा पहुंचा। बाद में यूनियनें मैदान में कूद पड़ी और इसी के चलते एसकेएस के दफ्तर में भारी तोडफ़ोड़ करके कुछ कर्मियों ने वहां ताले पर ताला लगा दिया।