
कुरुक्षेत्र। अखिल भारतीय स्वयं सेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि सरस्वती नदी विश्व की प्रेरणा और सर्वश्रेष्ठ सभ्यताओं की जननी मानी जाती है। सदियों से इस पवित्र नदी के किनारे ही वेदों, ग्रंथों की रचना की गई। आज कलयुग में सरस्वती नदी के केवल मात्र आचमण से मुक्ति का मार्ग मिलेगा।