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ये उपाय नहीं करें तो कभी भी कम नहीं कर पाएंगे अपने बढ़ते पेट की चर्बी को

अपनी पेट की चर्बी को छुपाने के लिये आप क्या कुछ नहीं करते हैं ढीले-ढाले कपड़े पहनते हैं,हमेशा तनाव में रहते हैं। लेकिन आखिर आप किन-किन उपायों से अपनी पेट की चर्बी को छुपाते फिरेगे। अब समय आ गया है कि इस चीज़ से ना भागा जाए और इसका डट कर मुकाबला किया जाए। अब वजन बढ़ाना आसान है मगर जमे हुए चर्बी को पिघलना इतना आसान नहीं है. पेट को कम करने के लिए व्यायाम करना पड़ता हो जो सब लोगो की बस की बात नहीं है। घभ्रैये नहीं, यहाँ पर मोटापा घटाने के उपाय आप जानेंगे जिस में अधिक व्यायाम की ज़रूरत नहीं है|  इन मोटापा घटाने के घरेलू उपाय के द्वारा आप फिर से स्वस्थ और संतुलित शरीर पाएँगे.

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पेट कम करने के उपाय : Motapa Kam Karne Ke Asardaar Upay

  1. मीठा न खाएं: सबसे पहले आपको अपने खाने पर कंट्रोल करना होगा और और कोई नही चिज जिसमे चीनी हो उसको अपने DIET MENU से हटाना होगा। किसी भी तरह की सॉफ्ट ड्रिंक, जूस पीना बंद करें।
  2. तेल, घी ना खाएं: अगर आप जल्दी से जल्दी पेट की चर्बी से निजात पाना चाहते हैं तो तेल और घी से बनी कोई भी चीज खाना छोड़ दें।
  3. प्रोटीन लें:  अगर आप हमेसा के लिए अपनी कमर कम और वजन कम रखना चाहते हैं तो प्रोटीन को अपनी डाइट में शामिल कर लें। आपको प्रोटीन निचे दिए गए food से मिल सकता हैं।

* मछली , मुर्गी , पनीर , चिकन , अंडे, राजमा

4. ग्रीन चाय: दिन में 2 -3 बार ग्रीन चाय पिए इससे पेट की चर्बी जल्द ख़त्म होती हैं।

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5. सवेरे उठ के खाली पेट करेले का जूस पीना याने आप चर्बी को आसानी से पिघला सकते है।

6. पेट कम करने के घरेलू उपाय में एक श्रेष्ट उपाय है की आप हर रोज भोजन के साथ कच्चे पपीता का सेवन करे           कद्दूकस कर के खाए. खाना खाने के बाद पक्का पपीता खाने से भी अत्यंत लाभ होता है।

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7. दोपहर को भोजन करने के बदले कच्चे सब्जी जैसे की खीरा, टमाटर, प्याज और हरी पत्ते वाली सब्जी का कचुंबेर         खाए|

8. गेहू के आटे की रोटी ना खाए. चने का आटा और जौ के आटे का इस्तेमाल करे।

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9. भारी भोजन करने के बदले आप सिर्फ़ हल्का और कम मात्रा में खाए. दिन में 2 बार भारी भोजन से 4-5 बार थोड़ा-       थोड़ा खाना बेहतर है।

10. ओमेगा-3 फैटी एसिड :ओमेगा 3 फैटी एसिड शरीर के लिए काफी लाभकारी होता है। मांसाहारी लोग इसे मछली के       जरिए ले सकते हैं। मछलियों में यह प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा जो लोग शाकाहारी हैं वे अखरोट,           पत्ता गोभी व फूल गोभी आदि का सेवन कर सकते हैं।

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ऐसे बनाए यम्मी पुलाव

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biryani recipe in hidni

इस पुलाव में आपको बस बेसन के गट्टे मिक्स करने होंगे। फिर पुलाव बनाने के लिये तो आपको ज्यादा किसी सामग्री की जरुरत ही नहीं पड़ेगी।

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सामग्री

चावल – 2
कप बेसन- 2 कप
दही – 1 कप
गरम मसाला पाउडर – 1 चम्मच
धनिया पाउडर – 1 चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – 1 चम्मच
सौफ – 2 चम्मच
अजवाइन – 2 चम्मच
मिंट पत्तियां – गार्निश करने के लिए स्वाद के अनुसार नमक, तेल, घी जैसा आप चाहे।

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विधि

बेसन, दही, नमक और अजवाइन को मिला लें। फिर उसके छोटे छोटे गोले बनाएं। अब फ्राइंग पैन में तेल गरम करें, आंच को मध्यम रखें। इन गोलो को फ्राई करें। प्रेशर कुकर में बासमती चावल चढाएं और पका कर किनारे रखें। 1 पैन में 2 चम्मच घी डालें। उसमें सौंफ को 2 सेकेंड के लिये फ्राई करें। फिर उसमें गरम मसाला पावडर, धनिया पावडर, लाल मिर्च पावडर डाल कर 10 सेकेंड पकाएं। आंच बंद कर दें। अब इसमें पका हुआ चावल, नमक और तैयार गोलियों को डालें। इसे अच्छी तरह से मिक्स करें। फिर पुदीने की पत्ती से गार्निश कर के सर्व करें।

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सेहतमंद रहने के लिए अंदर के रावण से करें मुकाबला

नई दिल्ली। एक बार फिर से वह समय आ गया है, जब पूरे देश में त्योहारों का मौसम है। इन दिनों होने वाले कई सारे त्योहारों में दशहरा भी एक है, बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। प्रतीकात्मक रूप से, आज के कुछ रोगों के रूप में आज भी आधुनिक राक्षस हमारे बीच मौजूद हैं।

वेकेशंस की मौज मस्ती के साथ सेल्फी भी है जरुरी

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किसी ने सच ​ही कहा है कि अपनी सुरक्षा अपने हाथ ही है। और जब बात हो सफर की तो खासतौर पर यह बात सटिक बैठती है, क्योंकि सफर में खुद कि सेफ्टी और सामान कि सेफ्टी आप ही के हाथों में होती है।

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ऐसे में इस बार कि वेकेशंस पर निकलने से पहले सफर में सेफ्टी चाहते हैं, तो बेहतर होगा कि पर्सनल डिटेल्स किसी साथ चलने वाले से शेयर न करें, सामान पर घंटी बांधें, ताकि किसी के हिलाने पर आवाज होगी तो आपको पता चल जाए। साथ ही होटल और होटल रूम में चेक इन करने से पहले गौर से सभी सेफ्टी फिचर्स पर नजर डाले। क्योंकि सफर का असली मजा तभी आता है, जब आपका हर दिन सेफ रहे।

ताकि न हो सामान चोरी

अक्सर सुनने में आता है कि किसी ने बड़ी सफाई से एक यात्री का सामान चोरी कर लिया। ऐसी किसी भी तरह कि सिचुएशन से बचने के लिए जरुरी है कि आप पूरी तैयारी के साथ ही सफर पर निकले। जैसे कि बैग्स या सूटकेस के साथ छोटी घंटियां बांध दें। इस तरह जब भी कोई इसे हिलाएगा, आपको पता लग जाएगा। इसके अलावा, खड़े होने के दौरान या चाय-कॉफी पीते हुए, पैर बैग के स्ट्रैप पर रखें। साथ ही सामान को एक सा​थ बांध कर चेन लगा कर उस पर लॉक लगाएं।

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किसी तरह कि पर्सनल इंर्फोमेशन शेयर न करें

बैग्स हो फिर सूटकेस हो कोशिश करें कि इनके साथ लगे टैग्स पर किसी तरह कि पर्सनल डेटा शेयर न करें। पहले अक्सर लोग घर का पता, फोन नम्बर, नाम इत्यादि लिख​ दिया करते थे। ताकि सामान मिस प्लेस होने पर सही पते पर पहुंच जाए। लेकिन अब इसका उल्टा भी हो सकता है, क्योंकि पब्लिक प्लेस पर किसी तरह कि पर्सनल डिटेल शेयर करने पर अक्सर कुछ न कुछ परेशानी झेलनी पड़ती है।

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अच्छे से जांचे परखें होटल

अक्सर हम वेकेशंस पर होटल के स्टार देख कर ही होटल का सक्लेशन कर लेते हैं। जबकि हमेशा किसी भी तरह के होटल में चेक इन करने से पहले उसकी अच्छे से जांच पड़ताल कर लेनी चाहिए। चेक इन करते ही हर छोटी बड़ी बात को अच्छे से परख लेना चाहिए। जैसे कि होटल रूम में चेक-इन करते समय फर्स्ट फ्लोर पर कमरा लेना अवॉइड करें। वैसे, स्लाइडिंग दरवाजे वाले कमरे, जो पूल साइड पर खुलते हैं, वाकई अच्छे लगते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि इनमें चोरी करना भी आसान रहता है। रुम्स के बाथरुम और वॉर्डरॉब भी पूरी ध्यान से देख ले कही, किसी पूराने गेस्ट का कोई सामान न रहा हो, या फिर किसी तरह का कोई स्पाई कैमरा इत्यादि न लगा हों।

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कैश पर रखें नजर

वैसे तो इन दिनों जमाना है, कैशलैस का, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। लेकिन सफर के मामले में अभी कुछ एक जगह हमे कैश कि जरुरत आन ही पड़ती है। ऐसे में सफर में थोड़ा कैश जरुर साथ रख लेना चाहिए। अब बात है इस कैश को संभालकर रखने कि तो, एक बड़े पाउच में पैसा डालकर उसे कमर पर बांधने से कुछ नहीं होगा,इसकी बजाय कॉमन बेल्ट जैसी दिखने वाली एक मनी बेल्ट ले लें। इस बेल्ट में अंदर की तरफ आसानी न दिखने वाली जिप होती है, जिसमें पैसे और जरुरी कागज या सामान रख सकते हैं। इसके अलावा, सारा पैसा एक ही जगह पर न रखकर इसे हिस्सों में बांट दें। थोड़ी अमाउंट को जुराबों में रखें, तो कुछ को जींस की पॉकेट वगैरह में।

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ताकि न भूले लोकेशन

नई जगह के गली और रास्ते सभी आपके लिए अनजान है, ऐसी सिचुएशन में सबसे पहले यही विचार आता है कि कहीं खो न जाएं। अगर होटल का रास्ता भूलगए, तो क्या होगा? ऐसे में घबराने के बजाए शांति से सोच कर कदम उठाना चाहिए, जैसे कि आज टेक्नोलॉजी का जमाना है तो, आप अपने फोन का अच्छे से इस्तेमाल कर सकते है। जैसे कि फोन का जीपएस आॅन कर के होटल एड्रेस या फिर जहां भी आप ठहरे है|

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वहां की लोकशन डाल कर वहा आसानी से पहुंच सकते है। इसके अलावा होटल का बिजनेस कार्ड या फिर एक पेपर पर वहां का एड्रेस और फोन नंबर लिख कर रखें। अगर आप रास्ता भूल गए या अपने ग्रुप से बिछड़ गए, तो टैक्सी वाले को वह अड्रेस दिखाकर सुरक्षित होटल पहुंच सकते हैं। यह बात खासतौर पर किसी फॉरेन ट्रिप में हेल्पफुल रहती है, जहां टूरिस्ट लोकल पॉइंट्स व लैंग्वेज से वाकिफ नहीं होते।

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यह बीमारी हैं जानलेवा, बचने के लिए जाने कारण लक्षण और उपाय

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रोग कोई भी हो बड़ा या छोटा पर होता रोग ही हैँ, अगर टाइम पे उससे बचने के लिए बीमारी के असली कारण, सटीक लक्षण और  टी.बी. यानि क्षय रोग भी एक गंभीर किस्म का रोग है, हम आप के लिए इससे बचने के लिए आपको इसके कारण, लक्षण बताएँगे जिसे यूज़ कर के आप को राहत ही नहीं बल्कि फायदा भी होगा ।

 

This disease is known to be known to avoid deadly symptoms and remedies.

This disease is known to be known to avoid deadly symptoms and remedies.

जानिए टी.बी. रोग के कारण:-
* टी.बी. रोग के यूं तो कई कारण हैं, प्रमुख कारण निर्धनता, गरीबी के कारण अपर्याप्त व पौष्टिकता से कम भोजन, कम जगह में बहुत लोगों का रहना, स्वच्छता का अभाव तथा गाय का कच्चा दूध ।

* जिस व्यक्ति को टी.बी. है, उसके संपर्क में रहने से, उसकी वस्तुओं का सेवन करने, प्रयोग करने से।
* टी.बी. के मरीज द्वारा यहां-वहां थूक देने से इसके विषाणु उड़कर स्वस्थ व्यक्ति पर आक्रमण कर देते हैं।
*मदिरापान तथा धूम्रपान करने से भी इस रोग की चपेट में आया जा सकता है। साथ ही स्लेट फेक्टरी में काम करने वाले मजदूरों को भी इसका खतरा रहता है।
जानिए टी.बी. रोग के लक्षण:-

* भूख न लगना, कम लगना तथा वजन अचानक कम हो जाना।

* बेचैनी एवं सुस्ती छाई रहना, सीने में दर्द का एहसास होना, थकावट रहना व रात में पसीना आना।

* हलका बुखार रहना, हरारत रहना।
खांसी आती रहना, खांसी में बलगम आना तथा बलगम में खून आना। कभी-कभी जोर से अचानक खांसी में खून आ     जाना।

* गर्दन की लिम्फ ग्रंथियों में सूजन आ जाना तथा वहीं फोड़ा होना।

* गहरी सांस लेने में सीने में दर्द…
महिलाओं को टेम्प्रेचर के साथ गर्दन जकड़ना, आंखें ऊपर को चढ़ना या बेहोशी आना ट्यूबरकुलस मेनिन्जाइटिस के      लक्षण हैं

* पेट की टी.बी. में पेट दर्द, अतिसार या दस्त, पेट फूलना आदि होते हैं।

* टी.बी. न्यूमोनिया के लक्षण में तेज बुखार, खांसी व छाती में दर्द होता है।
   जानिए टी.बी. का उपचार:-

* टी.बी. के उपचार की शुरुआत सीने का एक्स-रे लेकर तथा थूक या बलगम की लेबोरेटरी जांच कर की जाती है।
* आजकल टी.बी. के उपचार के लिए अलग-अलग एंटीबायोटिक्स/एंटीबेक्टेरियल्स दवाओं का एक साथ प्रयोग किया       जाता है। यह उपचार लगातार बिना नागा 6 से 9 महीने तक चलता है।  इस रोग की दवा लेने में अनियमितता बरतने     पर, इसके बैक्टीरिया में दवाई के प्रति प्रतिरोध क्षमता उत्पन्न हो जाती है। इससे बैक्टीरियाओं पर फिर दवा का असर     नहीं होता। यह स्थिति रोगी के लिए खतरनाक होती है।
* उपचार के दौरान रोगी को पौष्टिक आहार मिले, वह शराब-सिगरेट आदि से दूर रहे।
*बच्चों को टी.बी. से बचने के लिए बी.सी.जी. का टीका जन्म के तुरंत बाद लगाया जाता है। अब ये माना जाने लगा है     कि बीसीजी के टीके की इसमें कोई भूमिका नहीं है।
* टीबी की रोकथाम के लिए मरीज के परिवारजनों को भी दवा दी जाती है, ताकि मरीज का इंफेक्शन बाकी सदस्यों को     न लगे जैसे पत्नी, बच्चे व बुजुर्ग आदि। इसके लिए उन्हें आइसोनेक्स की गोली तीन माह तक दी जाती है।

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