अजमेर/भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक कारोबारी के पते पर फर्जी फर्म बनाकर कागजों पर करोड़ों रुपए का कारोबार दिखाने और सरकारी खजाने को लगभग 13 करोड़ रुपए का चूना लगाने के मामले में राजस्थान के अजमेर निवासी कारोबारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
शहर कोतवाल सच्चिदानंद पांडेय ने गुरुवार को बताया कि अजमेर निवासी कारोबारी मनीष प्रजापति के खिलाफ करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की शिकायत प्राप्त हुई थी। आरोप है कि उसने भदोही के एक व्यक्ति का पता इस्तेमाल कर फर्म का पंजीकरण कराया और फर्जी तरीके से दो वित्तीय वर्षों में आईजीएसटी की आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) के रूप में सरकारी खजाने से करोड़ों रुपए प्राप्त कर लिए।
उपायुक्त (वि.अनु.शा.) राज्य कर मिर्जापुर कनक तिवारी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पुलिस के अनुसार मनीष प्रजापति निवासी 40/40 इंद्रप्रस्थ नगर अजमेर (राजस्थान) ने लोहा, स्टील, सीमेंट और प्लास्टिक समेत अन्य सामानों की बिक्री के लिए फर्म का पंजीकरण कराया था।
सात जनवरी 2025 को पंजीकरण के दौरान ई-स्टांप, बिजली बिल समेत अन्य दस्तावेज अपलोड किए गए, जिनमें भदोही के अजीमुल्लाह चौराहा स्थित शुभम गुप्ता के कमरे का पता दर्शाया गया था। संदेह होने पर 18 अप्रैल को जांच की गई तो मकान मालिक ने आरोपी के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार कर दिया।
जांच में सामने आया कि फर्म ने वर्ष 2024-25 में 7,11,75,303 रुपये की खरीद दर्शाकर आईजीएसटी की आईटीसी के रूप में 1,32,56,192 रुपए प्राप्त किए। वहीं वर्ष 2025-26 में 52,13,90,917 रुपये की खरीद दिखाकर 11,29,65,504 रुपए की आईटीसी फर्जी तरीके से हासिल की गई।
इस प्रकार सरकारी खजाने को कुल मिलाकर लगभग 12.62 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। उपायुक्त राज्यकर कनक तिवारी की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।



