चेन्नई। तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) विधायक दल का सर्वसम्मति से नेता चुने जाने के एक दिन बाद पार्टी सुप्रीमो और संस्थापक सी जोसेफ विजय ने बुधवार को तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया।
सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण राज्यपाल ने उनका दावा स्वीकार लिया है। विजय गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह के लिए शहर का जवाहरलाल नेहरू बहुउद्देशीय इंडोर स्टेडियम पूरी तरह तैयार है, जहां तैयारियां जोरों पर हैं।
राज्यपाल के केरल से चेन्नई पहुंचने के बाद विजय टीवीके के नवनिर्वाचित विधायकों और कांग्रेस विधायकों का समर्थन पत्र लेकर राजभवन पहुंचे। कांग्रेस ने विजय का समर्थन करने का निर्णय लिया है। उसने दिन की शुरुआत में ही द्रमुक से नाता तोड़कर टीवीके के साथ गठबंधन कर लिया है।
राज्यपाल ने विजय का स्वागत हाथ मिलाकर, शॉल और फूलों का गुलदस्ता भेंट कर किया। इसके साथ ही उन्हें एक स्मृति चिह्न भी प्रदान किया। इस दौरान उनके साथ वरिष्ठ नेता केए सेंगोट्टैयन, टीवीके सचिव बुस्सी एन आनंद, चुनाव अभियान प्रबंधन महासचिव आधव अर्जुना और अन्य नेता मौजूद थे।
राज्यपाल के साथ चली 30 मिनट तक की बैठक के दौरान विजय ने शपथ ग्रहण समारोह पर चर्चा की और सदन में अपना बहुमत साबित करने के लिए समय भी मांगा। गौरतलब है कि 234 सदस्यीय विधानसभा में 118 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए विजय को अभी भी छह विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है।
करिश्माई नेता विजय ने अपनी युवा और महिला शक्ति के अभूतपूर्व प्रदर्शन के दम पर चुनावों में शानदार जीत हासिल की। उन्होंने चुनाव बाद के सभी अनुमानों को गलत साबित करते हुए अपनी पहली चुनावी पारी में 108 सीटें जीतीं और छह दशक पुराने द्रविड़ पार्टियों के वर्चस्व को खत्म कर दिया।
चूंकि विजय ने खुद दो सीटों चेन्नई शहर की पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट से जीत हासिल की है, इसलिए तकनीकी रूप से टीवीके के पास 107 विधायक हैं और कांग्रेस के पांच विधायकों के साथ वह कुल 112 की संख्या तक पहुंच चुकी है , लेकिन 118 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए उसे अभी छह और विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है।
बता दें कि द्रमुक के साथ कांग्रेस का गठबंधन इस विधानसभा चुनाव में भी था, लेकिन लगातार दूसरी बार सत्ता में आने का सपना देख रही द्रमुक के विजय के राजनीतिक तूफान में उड़ जाने के बाद कांग्रेस ने पाला बदल लिया है। कांग्रेस ने द्रमुक के साथ कड़ी सौदेबाजी के बाद ली 28 में से महज पांच सीट जीत सकी है।
विजय के कांग्रेस से औपचारिक रूप से समर्थन मांगे जाने के बाद कांग्रेस आलाकमान ने विस्तृत चर्चा के बाद मंजूरी दे दी। इसके बाद अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडनकर और टीएनसीसी अध्यक्ष के सेल्वापेरुन्थागाई के नेतृत्व में एक कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल ने विजय से मुलाकात की। उन्होंने एक धर्मनिरपेक्ष सरकार के गठन और भाजपा जैसी सांप्रदायिक ताकतों को दूर रखने के लिए गठबंधन को अंतिम रूप दिया और समर्थन पत्र सौंपा।
रिपोर्टों के अनुसार विजय ने कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा है। कांग्रेस पार्टी के सूत्रों का कहना है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के इस समारोह में शामिल होने की संभावना है।



