अजमेर। श्री नौसर माता मंदिर परिसर में संपन्न हुए श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ का समापन आध्यात्मिक उल्लास और भक्तिभाव के साथ ‘यज्ञान्त स्नान’ के रूप में किया गया। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद पीठाधीश्वर श्री रामाकृष्णादेव महाराज के सान्निध्य में यज्ञ सेवा मंडल के सदस्यों ने उत्तराखंड स्थित पवित्र गंगा नदी तट पर पहुंचकर सामूहिक स्नान किया।
ऋषिकेश की पावन धारा में यज्ञाचार्य पंडित आरके शास्त्री के मार्गदर्शन में सभी सदस्यों ने विधिवत डुबकी लगाई। इस दौरान यज्ञ से प्राप्त पवित्र भस्म को साथ लेकर गंगा स्नान किया गया, जिसे अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। गंगा तट पर ‘हर-हर गंगे’, ‘जय मां महालक्ष्मी’, ‘जय श्री नौसर माता’ और ‘जय श्री पुष्कर राज’ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
प्रमुख सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति
इस धार्मिक आयोजन में यज्ञ सेवा मंडल के प्रमुख सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। मंदिर व्यवस्थापक मनोज गुप्ता, हरिचंद ठाकुर, विनय चंद, दीपक बंसल, कार्तिकेय दाधीच और मोहित विजय सहित करीब 15 श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से इस अनुष्ठान में भाग लिया। सभी ने पूर्ण श्रद्धा के साथ धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए स्नान किया।
अजमेर में प्रभु गौरीश्वर का होगा अभिषेक
मंगल स्नान के उपरांत सभी सदस्य गंगाजल अपने साथ लेकर लौटे हैं। इस पवित्र जल का उपयोग प्रभु गौरीश्वर के अभिषेक में किया जाएगा। पीठाधीश्वर श्री रामाकृष्णादेव महाराज ने बताया कि श्री राज राजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ लोक कल्याण, समाज की समृद्धि और विश्व शांति की कामना से आयोजित किया गया था, जिसका समापन इस मंगल स्नान के साथ हुआ।



