भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के सुभाष नगर थाना क्षेत्र में शनिवार को तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दोपहर करीब दो बजे कुंवाड़ा खान निवासी चार बच्चे घर से नहाने की बात कहकर निकले थे। ये सभी बच्चे क्षेत्र के ही एक छोटे तालाब में नहाने के लिए उतरे। बताया जा रहा है कि नहाते समय दो बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।
उनके साथ गए अन्य दो बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृतक बच्चों की शिनाख्त कुंवाड़ा खान निवासी 12 वर्षीय अब्बास हुसैन और 14 वर्षीय अल्तमस के रूप में हुई है।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी राजेंद्र पाल जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को अस्पताल के शवगृह में रखवाया है।
ट्रैक्टर की चपेट में आने से पिता की मौत, पुत्री घायल
भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी थाने में शनिवार को देवरिया गांव के पास एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रैक्टर की चपेट में आने से मोटर साइकिल पर सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि उसकी पुत्री घायल हो गई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुबह रामपाल पुत्री के साथ मोटर साइकिल पर जा रहे थे, तभी देवरिया के निकट मिट्टी से भरे एक ट्रैक्टर ने उनकी मोटर साइकिल को टक्कर मार दी। इससे रामपाल की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसकी पुत्री घायल हो गई।
उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। हादसे के तुरंत बाद चालक ट्रैक्टर को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के शवगृह में भिजवाया। पुलिस ने ट्रैक्टर जब्त करके चालक की तलाश शुरू कर दी है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में मिट्टी और बजरी से भरे ट्रैक्टर चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन दौड़ाते हैं, जिसके कारण आए दिन ऐसे हादसे हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से इन अनियंत्रित वाहनों पर लगाम लगाने की मांग की है।
ट्रेलर की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत
भीलवाड़ा जिले के तिलस्वां-सलावटिया मार्ग पर शुक्रवार रात एक ट्रेलर की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार तिलस्वां निवासी पूरण रेगर (25) मोटर साइकिल से बिजौलिया की ओर जा रहा था। इसी दौरान तिलस्वां के निकट धर्मकांटे से अचानक एक सैंड स्टोन से भरा ट्रेलर सड़क के बीच आ गया। इससे पूरण इस ट्रेलर की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हाे गया। उसे गंभीर हालत में सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर रोजाना 200 से अधिक सैंड स्टोन के ट्रेलरों की तुलाई होती है। कई गाड़ियां सड़क पर खड़ी रहती हैं और यहीं रॉयल्टी भी काटी जाती है। धर्मकांटा बिल्कुल मुख्य मार्ग पर होने के कारण तुलाई के समय रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है, जिससे यहां से गुजरने वाले छोटे वाहन अक्सर हादसों का शिकार होते हैं। इस धर्मकांटे के कारण पहले भी कई लोग अकाल मृत्यु की भेंट चढ़ चुके हैं।



