अमित शाह, राहुल गांधी और स्टालिन ने जताया शोक
चेन्नई। तमिलनाडु में रविवार शाम को दक्षिणी विरुधुनगर जिले के कट्टानारपट्टी गांव में एक निजी पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री में हुए जोरदार धमाके में 21 मजदूरों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। मृतकों में महिलाएं भी शामिल थीं।
राज्य पुलिस महानिदेशक के (डीजीपी) मुख्यालय ने पुष्टि की कि इस त्रासदी में 21 लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पतालों में भर्ती कराया गया। यह धमाका पटाखे बनाने के लिए रसायनों को मिलाते समय घर्षण के कारण हुआ। यह घर्षण जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के कारण पैदा हुई होगी। धमाका इतना जोरदार था कि चार कमरों में काम कर रहे लगभग 30 मजदूर पूरी तरह से जमींदोज हो गए।
रिपोर्टों के अनुसार अधिकतर शव इस तरह झुलसे थे कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया था। उन्हें पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। घायलों में से कुछ को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें तुरंत सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। यह धमाका मुथुमानिकम के स्वामित्व वाली ‘वनजा क्रैकर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट’ में हुआ, जिसके पास सरकारी लाइसेंस था। धमाके की खबर सुनते ही फैक्ट्री का मालिक मौके से फरार हो गया।
स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि रविवार को छुट्टी का दिन घोषित होने के बावजूद फैक्ट्री खोली गई थी। शिवाकाशी, विरुधुनगर और सत्तूर से दमकल सेवा और बचावकर्मियों की कई टीमें मौके पर पहुंच गई और बचाव तथा राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। वे आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। विरुधुनगर जिले के पुलिस अधीक्षक श्रीनाधा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर ही मौजूद हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने धमाके में मजदूरों की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि तमिलनाडु के विरुधुनगर में हुई दुखद आग दुर्घटना से गहरा दुख हुआ। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए मेरी प्रार्थनाएं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मृतकों के प्रति अपनी संवेदना क्यक्त करते हुए कहा कि ये वे मजदूर थे जो सुबह अपने परिवारों के लिए रोजी-रोटी कमाने के लिए घर से निकले थे। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने धमाके में मजदूरों की मौत पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया। उन्होंने धमाके में कई लोगों की जान जाने से दुखी होकर शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने जिला कलेक्टर से भी बात की और उन्हें पुलिस, दमकल विभाग तथा अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर राहत कार्यों को अंजाम देने और पीड़ितों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सदस्य डॉ. अंबुमणि रामदास ने इस धमाके का कारण एक तंग कमरे में अत्यधिक भीड़ होना बताया। उन्होंने कहा कि कई और लोग भी गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
अंबुमणि रामदास ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह चुनाव आयोग की मंजूरी लेकर मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपए और घायलों को 5 लाख रुपए का मुआवजा दे क्योंकि विधानसभा चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता लागू है।



