एसआई भर्ती मामले में अभी बड़ी मछलियों के नाम आने बाकी : गजेन्द्र सिंह शेखावत

जोधपुर। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा है कि पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा-2021 की जांच पूरी होने दीजिए, अभी बड़ी मछलियों के नाम आने बाकी हैं।

शेखावन ने शुक्रवार को अपने गृह जिले जोधपुर में हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत में एसआई भर्ती परीक्षा रद्द होने पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने इस भर्ती परीक्षा को रद्द किया लेकिन अंतिम फैसला आना अभी बाकी है। जांच अभी एसओजी कर रही है। न्यायालय के निर्णय का सम्मान करते हुए हमें जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का संकल्प था कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले हर एक व्यक्ति को उसके किए की सजा मिले। शेखावत ने मामले में आरपीएससी के मेंबर भी सम्मिलित होने के सवाल पर कहा कि वह यह मानते हैं कि ये छोटी मछलियां हैं, बड़ी मछलियों के नाम आने बाकी हैं। जांच पूरी होने दीजिए।

उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले भी मैंने कहा था, अनेक सफेदपोश लोग आज बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, उनमें से कई लोग जेल की सलाखों के पीछे आपको देखने को मिलेंगे। न्यायालय के निर्णय पर क्रेडिट लेने से जुड़े सवाल पर शेखावत ने कहा कि सरकार के जांच के प्रतिवेदन के आधार पर न्यायालय में जो फैसला किया है, उसका सम्मान करना चाहिए। अब जिनको हर चीज में राजनीतिक लाभ लेने की भूख रहती है, उनसे कोई दूसरी अपेक्षा नहीं की जा सकती।

बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए की गई टिप्पणी पर शेखावत ने कहा कि वो संविधान की किताब जेब में रखते हुए संविधान का मखौल उड़ा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी को निश्चित तौर पर आत्मावलोकन करने की जरूरत है।

अमरीकी टैरिफ पर शेखावत ने कहा कि भारत पूरी ताकत से जुटा है। हम भारत के किसान, मछुआरे और लघु उद्योग के हित के विरुद्ध नहीं जा सकते हैं। आने वाला समय भारत का होगा। हम अपनी क्वालिटी इंप्रूव करेंगे और लागत कम करेंगे। दुनिया की चुनौतियां और बाधाओं को पार कर हम आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी के समय परमाणु बम का परीक्षण हुआ, तब भी कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे लेकिन भारत आगे बढ़ा था और आज भी आगे बढ़ेगा।

शेखावत ने हवाई अड्डे पर पश्चिम बंगाल में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवान रमेश पोपावत को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। शहीद जवान का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बोयल में सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।