पूर्व सांसद और मशहूर समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का निधन

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बीकानेर/नई दिल्ली। मशहूर समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का गुरुवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी में निधन हो गया। वह 71 वर्ष की थीं। माहेश्वरी दूरदर्शन के साथ अपने लंबे जुड़ाव के लिए जानी जाती हैं। कई दशकों तक दूरदर्शन पर अपनी शांत, गंभीर आवाज और संतुलित समाचार प्रस्तुति के कारण उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।

परिवार के सूत्रों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार आज शाम 4 बजे दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया गया। सरला माहेश्वरी का जन्म राजस्थान के बीकानेर में एक साहित्यिक और राजनीतिक परिवार में हुआ था। उनकी परवरिश जनवादी माहौल में हुई। बाद में वह कोलकाता चली गयीं। वहीं से उच्च शिक्षा हासिल की। वहीं वह मार्क्सवादी विचारधारा और राजनीति से जुड़ गईं।,

उन्होंने 1976 में दूरदर्शन में प्रस्तोता के तौर पर अपना करियर शुरू किया। वह 1982 में स्थायी तौर पर इसी काम से जुड़ गईं और 2005 तक इसी काम में रहीं। बीच में दो साल के लिए उन्होंने बीबीसी के लिए भी समाचार प्रस्तोता का कार्य किया।

सरला माहेश्वरी 1990 से 1996 तक पश्चिम बंगाल से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की राज्यसभा सांसद रहीं। वह पश्चिम बंगाल विधानसभा सदस्य भी रहीं। महिलाओं के सामाजिक राजनीतिक विकास के लिए अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) से भी जुड़ी थीं। वह सदन की ‘आधिकारिक भाषा समिति’ की उपाध्यक्ष भी रहीं। उन्होंने हिंदी और दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ाने में अहम योगदान दिया।

वह एक बहुत अच्छी लेखिका भी थीं। उन्होंने कविता, नाटक और सामाजिक मुद्दों पर करीब 16 किताबें लिखीं। वह ‘सामिया’ और ‘कलम’ जैसी जानी-मानी साहित्यिक पत्रिकाओं के संपादकीय मंडल से जुड़ी थीं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में हिंदी प्राध्यापक के रूप में भी काम किया था।