मेयर की रेस में मजबूत हुई दावेदारी, जीत के बाद समर्थकों में जश्न
जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 में वार्ड नंबर 112 का परिणाम भाजपा के पक्ष में रहा। भाजपा प्रत्याशी सुनील कोठारी ने 905 वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर कांग्रेस सहित अन्य प्रत्याशियों को पीछे छोड़ दिया। कोठारी की जीत को भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इस परिणाम के बाद जयपुर के अगले महापौर की दौड़ में उनकी दावेदारी और मजबूत हो गई है।
वार्ड 112 चुनाव से पहले ही जयपुर की चर्चित सीटों में शामिल था। यहां भाजपा की ओर से सुनील कोठारी और कांग्रेस की ओर से आशीष शर्मा के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा था। चुनाव में वार्ड के मतदाताओं ने 67.82 प्रतिशत मतदान किया था, जिससे मुकाबले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी काफी उत्सुकता बनी हुई थी।
मतगणना के दौरान जैसे ही सुनील कोठारी की जीत स्पष्ट हुई, भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल बन गया। जीत की सूचना के बाद समर्थकों ने जश्न मनाया और कोठारी को बधाइयां दीं। विभिन्न रिपोर्टों में उनकी जीत का अंतर 905 वोट बताया गया है।
मेयर की रेस में कोठारी का नाम सबसे आगे
सुनील कोठारी की वार्ड 112 से जीत को केवल पार्षद चुनाव की सफलता के रूप में नहीं देखा जा रहा है। उन्हें जयपुर नगर निगम के महापौर पद के प्रमुख दावेदारों में माना जा रहा है। चुनाव से पहले भी उनका नाम मेयर पद की संभावित दौड़ में प्रमुखता से चर्चा में था। जीत के बाद उनकी राजनीतिक स्थिति और मजबूत मानी जा रही है।
भाजपा ने वार्ड 112 में निवर्तमान महापौर कुसुम यादव का टिकट काटकर सुनील कोठारी को मैदान में उतारा था। ऐसे में कोठारी की जीत को पार्टी के रणनीतिक फैसले की सफलता के तौर पर भी देखा जा रहा है।
जयपुर में भाजपा का मजबूत प्रदर्शन
जयपुर नगर निगम में कुल 150 वार्ड हैं। चुनाव परिणामों में भाजपा ने सबसे अधिक सीटों पर जीत दर्ज की। उपलब्ध अंतिम परिणामों के अनुसार भाजपा ने 78 वार्डों में जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस 53 वार्डों में विजयी रही और 15 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी जीते। इस तरह जयपुर नगर निगम में भाजपा की स्थिति मजबूत रही।
वार्ड 112 की जीत भाजपा के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके आसपास के कई वार्डों में भी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया। वार्ड 111 से भाजपा के संजय जायसवाल की जीत हुई, जबकि वार्ड 113 में कांग्रेस के गजनफर अली ने बड़ी जीत दर्ज की। इससे इस क्षेत्र में मुकाबले की राजनीतिक तस्वीर भी काफी दिलचस्प रही।
अब निगाहें महापौर चुनाव पर
सुनील कोठारी की जीत के बाद जयपुर के महापौर पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। भाजपा को नगर निगम में बहुमत मिलने के बाद पार्टी के भीतर महापौर पद के लिए संभावित नामों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कोठारी की वार्ड 112 में जीत ने उन्हें इस दौड़ में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।
हालांकि महापौर पद पर अंतिम फैसला भाजपा के संगठन और पार्टी नेतृत्व को करना है। इसलिए फिलहाल कोठारी को प्रमुख दावेदार कहना अधिक उचित होगा, न कि निर्विरोध या तय उम्मीदवार।



