
उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में दोहरे विस्फोट में 25 की मौत

पोर्ट ऑफ स्पेन एकदिवसीय : बारिश के कारण भारत-विंडीज मैच रद्द

पोर्ट ऑफ स्पेन। भारत और वेस्टइंडीज के बीच शुक्रवार देर रात खेला गया पांच एकदिवसीय मैचों की सीरीज का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया। लगातार बारिश होने के कारण खेलने लायक स्थिति न बनती देख अंपयारों ने मैच रद्द करने का फैसला किया।
कोविंद ने नामांकन भरा, पद की गरिमा बनाए रखने का संकल्प लिया

नई दिल्ली। बीजेपी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने देश के शीर्ष संवैधानिक पद की गरिमा बनाए रखने के संकल्प के साथ देश के अगले राष्ट्रपति पद के लिए शुक्रवार को नामांकन-पत्र दाखिल कर दिया।
CBSE NEET 2017 Result : पंजाब के नवदीप सिंह को शीर्ष स्थान

चंडीगढ़। पंजाब के मुक्तसर शहर के एक विद्यार्थी ने चिकित्सा कॉलेजों में प्रवेश के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
आस्था स्पेशल पर्यटन की होगी शुरुआत

केन्द्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने कहा कि आस्था स्पेशल पर्यटन ट्रेन 9 रातों और 10 दिनों की एक टूर पैकेज यात्रा है, जो 17 जून की सुबह 8 बजे से शुरू होकर 26 जून, 2017 को सुबह 7 बजे समाप्त होगी। इस टूर पैकेज का शुल्क प्रति व्यक्ति 8720 रुपए है तथा इसमें ठहरने की व्यवस्था, भोजन, दर्शनीय स्थलों तक आने-जाने हेतु बसें, उद्घोषणा तथा जानकारी हेतु पर्यटक विशेषज्ञ तथा सभी डिब्बों में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम शामिल हैं।
यह ट्रेन 17 जून, 2017 को सुबह 8 बजे साबरमती से अपनी यात्रा शुरू करके अपनी आगे की यात्रा में आणंद, वडोदरा, रिंच तथा सूरत स्टेशनों से यात्रियों को साथ लेगी। अगले दिन वर्धा से दर्शनीय स्थलों के दौरे की शुरूआत होगी, जहां महात्मा गांधी 1934 से रहे, तथा प्रसिद्ध सेवाग्राम आश्रम की स्थापना की। यहीं से सत्याग्रह आन्दोलन की शुरूआत भी हुई।
इसके पश्चात ट्रेन बेतिया/मोतिहारी की ओर आगे बढ़ेगी, जहां एक गांधी संग्रहालय तथा कुछ ऐतिहासिक स्मारक हैं। छठें दिन ट्रेन गया पहुंचेगी, जहां प्रसिद्ध बोध गया महाबोधि मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। 7 वें दिन यह ट्रेन वाराणसी पहुंचेगी, जिसे एक पवित्र नगरी माना जाता है। इस दिन यात्रियों को सारनाथ तथा विश्वनाथ मंदिर के साथ-साथ महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के भी दर्शन कराए जाएंगे।
इसके अगले दिन यह ट्रेन इलाहाबाद पहुंचेगी, जहां से यात्रियों को संगम तथा आनंद भवन के दर्शन कराए जाएंगे। यह वही शहर है, जहां से वर्ष 1920 में असहयोग आन्दोलन की शुरूआत की गई थी। भारत के कई महान नेता एवं क्रांतिकारी इस शहर से संबंध रखते थे। 9 वें दिन से यह ट्रेन वापसी यात्रा में साबरमती की ओर अपनी यात्रा प्रारम्भ करेगी।