Home Blog Page 4243

शेयर बाजार 2 महीने के उच्च स्तर पर

2 month high on the stock market
2 month high on the stock market

मुंबई। बॉम्बे शेयर मार्केट का सेंसेक्स बुधवार को 241 अंक उछलकर 2 महीने के उच्च स्तर 27,140.41 पर पहुंच गया। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 8,300 अंक के ऊपर निकल गया।

 

कंपनियों के तिमाही वित्तीय परिणाम की उत्साहजनक शुरुआत के बीच निवेशकों की लिवाली से बाजार में तेजी आई। एशिया के अन्य बाजारों में बढ़त और यूरोप के प्रमुख शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में मजबूत रुख से भी धारणा को बल मिला।

कारोबारियों के अनुसार, घरेलू संस्थागत निवेशकों के घरेलू बाजार में लगातार निवेश से बाजार को मजबूती मिली और प्रमुख सूचकांक अपने प्रमुख स्तरों को फिर से हासिल कर सका। इसके आलावा आगामी आम बजट में अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिये कंपनियों के लिये प्रोत्साहनों की घोषणा की उम्मीद में भी निवेशकों ने लिवाली बढ़ाई।

30 शेयरों वाला सूचकांक मजबूती के साथ 26,978.44 अंक पर खुला और जल्दी ही 27,174.87 अंक पर पर पहुंच गया। अंत में यह 240.85 अंक या 0.90 प्रतिशत की बढ़त के साथ 27,140.41 अंक पर बंद हुआ।

इससे पहले, पिछले साल 10 नवंबर को सेंसेक्स 27,517.68 अंक पर बंद हुआ था। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 92.05 अंक या 1.11 प्रतिशत उछलकर 8,380.65 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 8,389 से 8,322.25 अंक के दायरे में रहा। इससे पहले, 10 नवंबर 2016 को यह सूचकांक 8,525.75 अंक पर बंद हुआ था।

मुंबई एयरपोर्ट पर 29 लाख रुपए के सोने सहित एक अरेस्ट

custom official arrests passenger with gold worth Rs 29 lakh at Mumbai airport
custom official arrests passenger with gold worth Rs 29 lakh at Mumbai airport

मुंबई। मुंबई विमानतल पर बुधवार को कस्टम अधिकारियों ने 1160 ग्राम सोने सहित एक यात्री को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से बरामद सोने की कीमत बाजार में 29 लाख रुपए आंकी गई है।

यह कोम्ब से बनाएं अपनी हेयर स्टाइल

hair comb is important for hair style
hair comb is important for hair style

कई बार ऐसा होता हैं की हम आपने बालों की सही से देखभाल नहीं कर पाते हैं ऐसे में बालों का झड़ना, बालों का डैमेज होना आम बात हैं। बालों में कितनी भी केयर कर लो लेकिन बालों के झड़ने की समस्या ख़त्म नहीं होती हैं। अगर आपको अपने बालों को सही रखना हैं तो एक बेहतर हेयर कॉम्ब का इस्तेमाल करना होगा।

हम आपको बताते हैं ब्रश और कंघियों के टाइप्स और उन्हें इस्तेमाल करने के तरीके।

1. रैट टेल कोम्ब
पतले लंबे दांतो वाला कांगा जिसका एन्ड भी पतला हो। यह कंघी अच्छी तरह से मांग निकलने में काम आती हैं साथ ही यह कंघी अक्सर सलून में देखने को मिलती हैं।

2. वाइड टूथ कोम्ब
चौड़े दांतों वाली कंघी हेयर वॉश के बाद बालों को सुलझाने में काफी मददगार होती है। तो हेयर वॉश के बाद इस कंघी का इस्तेमाल करके अपने कीमती बालों को टूटने से बचाएं।

3. टीज़िंग कोम्ब
दो तरफा कंघी से बालों में नकली वॉल्यूम और पफ आसानी से बनाया जा सकता है। इस कंघी में एक एन्ड मोटा तो दूसरा एन्ड पतला होता हैं। यह आसानी से सभी तरह की हैरस्टीले बनाने में काम आता हैं।

4. रेगुलर कोम्ब
इसके दांत एक-दूसरे के काफी आस-पास होते हैं जिसकी वजह से इसे रोज़मर्रा के इस्तेमाल में लाया जा सकता है। इसका इस्तेमाल स्ट्रेट या वेवी हेयर पर करें, बालों को सुलझाने के लिए नहीं।

5. पिक्स
बालों में स्टाइलिंग करने के लिए इसका ज़्यादा इस्तेमाल होता है. पिक्स और इसके लंबे दांत, बालों को ऊपर उठाने के लिए परफेक्ट हैं। वाल्यूम ऐड करने से लेकर, पैटर्न बनाने और बालों को बेहतर तरीके से उभारने के लिए, ये कंघी एक अच्छा ऑप्शन है। पिक्स सभी के लिए यूज़फूल होती है।

हर्दिक की ‘मोदी हराओ, देश बचाओ’ रैली में जाने के फैसले को नीतीश ने टाला

Bihar CM nitish kumar to skip hardik patel's rally
Bihar CM nitish kumar to skip hardik patel’s rally

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 28 जनवरी को गुजरात में पाटीदार आरक्षण आन्दोलन के प्रणेता हर्दिक पटेल की प्रस्तावित “मोदी हराओ, देश बचाओ” रैली में शामिल होने के लिए गुजरात जाने का फैसला फिलहाल नीतीश कुमार ने टाल दिया है।

नोटबंदी से धीमी हुई आर्थिक वृद्धि दर: वर्ल्ड बैंक

Notbandi slower economic growth by World BankNotbandi slower economic growth by World Bank
Notbandi slower economic growth by World Bank

वाशिंगटन। विश्वबैंक ने नोटबंदी के बाद चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर के बारे में अपने अनुमान को घटा दिया है पर उसके मुताबिक अब भी यह सात प्रतिशत के ‘मजबूत’ स्तर पर रहेगी।

 

साथ ही विश्वबैंक ने यह भी कहा है कि आने वाले वर्षों में देश की वृद्धि अपनी तेज। लय पकड़ लेगी और 7.6 और 7.8 फीसदी के स्तर को पुन: प्राप्त कर लेगी। पहले का अनुमान 7.6 फीसदी था।

विश्वबैंक की एक ताजा रपट में कहा गया है कि बड़े मूल्य के नोटों को तत्काल चलन से हटाने के सरकार के नवंबर के निर्णय से ‘वर्ष 2016 में अर्थिक वृद्धि धीमी पड़ी है।’ पर रपट में कहा गया है कि धीमी पड़ने के बावजूद भारत की वृद्धि दर मार्च 2017 को समाप्त होने जा रहे वित्त वर्ष में अब भी मजबूत 7 फीसदी तक रहेगी। रपट में कहा गया है कि तेल की कीमतों में कमी और कृषि उत्पाद में ठोस वृद्धि से नोटबंदी की चुनौतियों का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाएगा। इस तरह भारत चीन से आगे निकल कर सबसे तीव्र वृद्धि कर रही प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

विश्वबैंक को ‘ उम्मीद ’ है कि वर्ष 2017-18 में गति पकड़ कर भारत की वृद्धि दर 7.6 फीसदी और 2019-20 में 7.8 फीसदी तक पहुंच जाएगी। उसका कहना है कि सरकार द्वारा शुरू किए गए विभिन्न सुधारों से घरेलू आपूर्ति की अड़चने दूर होंगी और उत्पादकता बढ़ेगी। बुनियादी ढ़ांचे पर खर्च बढ़ने से कारोबार का वातावरण सुधरेगा और निकट भविष्य में अधिक निवेश आएगा।

रपट में यह भी कहा गया है कि मेक इन इंडिया अभियान से देश के विनिर्माण क्षेत्र को मदद मिलेगी। इस क्षेत्र को घरेलू मांग और नियमों में सुधार का भी फायदा होगा। मंहगाई दर में कमी और सरकारी कर्मचारियों के वेतन मान में सुधार से भी वास्तविक आय और उपभोग के बढने में मदद मिलेगी। इसी संदर्भ में अनुकूल वर्षा और बेहतर कृषि उपज का भी उल्लेख किया गया है।

विश्वबैंक की रिपोर्टमें कहा गया है कि नोटबंदी का ‘मध्यावधि में एक फायदा यह है कि बैंकों के पास नकद धन बढने से ब्याज दर में कमी करने और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार में मदद मिलेगी।’ लेकिन देश में अब तक 80 फीसदी से ज्यादा कारोबार नकदी में होता रहा है, इसे देखते हुए नोटबंदी के चलते ‘अल्प काल ’ में कारोबारियों और व्यक्तियों की आर्थिक गतिविधियों में व्यवधान बना रह सकता है।

रिपोर्ट में यह आशंका भी जताई गयी है कि पुराने नोट बंद कर उन्हें नये नोटों से बदलने में आ रही दिक्कतों से जीएसटी और श्रम सुधार जैसे अन्य नीतिगत आर्थिक सुधारों की योजना के धीमा पड़ने का खतरा भी है। नोटबंदी का नेपाल और भूटान की अर्थव्यवस्थाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है क्योंकि इन अर्थव्यवस्थाओं को भारत से मनी आर्डर के रूप में काफी पैसा जाता है।