राजगढ़ भैरव धाम में आस्था का सैलाब : लख्खी छठ मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने लगाई धोक
अखण्ड ज्योति के दर्शन को लगीं कतारें
अजमेर। समीपवर्ती नसीराबाद उपखंड स्थित श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ में विशाल छठ मेला मंगलवार को हर्षोल्लास, श्रद्धा और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। मेले में देश-प्रदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा भैरवनाथ और मां कालका के दर्शन के लिए पहुंचे।

भक्तों ने बाबा भैरवनाथ और मां कालिका के साथ सर्वधर्म मनोकामनापूर्ण स्तम्भ की विशेष परिक्रमा कर मन्नतें मांगी और अपनी बुराइयों और नशों का त्याग किया। पूरा धाम परिसर बाबा भैरव के जयकारों और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ् के नारों से गूंज उठा। देशभर से श्रद्धालु झंडों के साथ जुलूस के रूप में भी धाम पहुंचे।

धाम के प्रवक्ता अविनाश सेन ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारम्भ शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज, सोनादेवी बावरी आदि ने मन्दिर के शीर्ष पर ध्वजा चढ़ाकर मेले का आगाज किया। उसके बाद शिक्षामंत्री ने बाबा भैरवनाथ, मां कालिका व अखण्ड ज्योत के दर्शन कर चम्पालाल महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।

पोलिथिन मुक्त हो राजस्थान : मदन दिलावर

शिक्षा मंत्री दिलावर ने श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि राजगढ़ भैरव धाम वास्तव में चमत्कारी स्थल होने के साथ-साथ देश का अनूठा धार्मिक स्थल है क्योंकि यहां पर न तो दान, चन्दा, चढ़ावा, गुप्तदान चढ़ता है और ना ही फूल, माला या प्रसाद जो कि दूसरे धार्मिक स्थलों से बहुत भिन्न बात है। उन्होंने यह भी कहा कि नशा नाश का ही नहीं सर्वनाश का कारण है। नशे की प्रवृत्ति इन्सान को अपनी प्रतिष्ठा एवं शारीरिक क्षमता को तोडकर भिक्षुक बना देती है।

उन्होंने श्रद्धालुओं को कहा कि आज हम सब बाबा भैरव का आशीर्वाद लेकर चम्पालाल महाराज के सान्निध्य में इस छठ मेले के पावन पर्व पर अपने राजस्थान को पोलिथिन मुक्त बनाने एवं अपनी गऊमाता की सेवा एवं सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक गऊशाला में सहयोग करने की शपथ लेते हैं। जो भी भक्त सच्ची आस्था व विश्वास के साथ राजगढ़ धाम पर आते हैं उनकी मनोकामना बाबा भैरव पूरी करते हैं। मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि आज छठ मेले के पावन पर्व पर मुझे राजगढ़ धाम पर प्रथम बार आने का अवसर प्राप्त हुआ है। वास्तव में राजगढ़ धाम अलौकिक एवं सर्वधर्म शक्ति स्थल है जहां पर चम्पालाल महाराज निःस्वार्थ भाव से सामाजिक सरोकार के कार्य कर रहे हैं जो कि काबिले तारिफ है।

इससे पहले धाम के मुख्य उपासक चंपालाल महाराज ने चक्की वाले बाबा के मंदिर फिर बाबा भैरव मां कालिका के साथ प्राचीन मंदिर वीर तेजा जी महाराज की पूजा अर्चना की। विशाल छठ मेले के अवसर पर सुबह श्रद्धालुओं ने चक्की वाले मंदिर से शोभायात्रा निकाली।

छठ मेले के पावन शुभअवसर पर एमएलडी कन्या महाविद्यालय केकड़ी की छात्राओं ने बाबा भैरव व मां कालिका के मनभावन भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। मेले में श्रद्धालुओ की एक लाख से अधिक भारी भीड़ ने बाबा भैरव, मां कालिका, धाम पर चल रही अखण्ड़ ज्योति के दर्शन कर सर्वधर्म मनोकामना पूर्ण स्तम्भ की परिक्रमा कर विशेष चमत्कारी चिमटी प्राप्त की।

ढोल-नगाड़ों, भगन गायिका ज्योति सेनी ने बाबा भैरव के मधुर भजनों की प्रस्तुतियां दी। भजन-कीर्तन और बाबा के जयकारों के बीच भक्तों ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए परिक्रमा की। नवरात्रा महोत्सव के तहत प्रज्वलित अखंड ज्योत के दर्शन तथा चमत्कारी चिमटी प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं और भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखा गया।

धाम़ पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत चम्पालाल महाराज ने छठ मेले के अवसर पर राजगढ़ धाम पर श्रद्धालुओं को भ्रूण हत्या को रोकने व बेटियों को पढ़ाने के लिए संकल्प दिलाया। छठ मेले का समापन सांयकाल महाआरती के हुआ। बाबा भैरवनाथ व मां कालिका को छप्पन भोग के प्रसाद का भोग लगाया गया।

छठ मेले में राजगढ़ धाम पर हरियाणा, यूपी, मध्यप्रदेश, दिल्ली, बिहार, पंजाब, कनाड़ा, नेपाल, हिसार के साथ प्रदेश के अजमेर, ब्यावर, केकड़ी, सरवाड़, जयपुर, भरतपुर, झुंझुंनूं, सीकर, भरतपुर, बीकानेर, चूरू, सुजानगढ़, भीलवाड़ा, कोटा, गंगानगर, जैसलमेर, जोधपुर, पाली, नागौर, विजयनगर, बगरू, अलवर, बूंदी, चित्तौड़गढ आदि जगहों से लगभग 800 झण्डे बाबा भैरव व मां कालिका के श्री चरणों में चढाए गए।

छठ मेले की व्यवस्था को संभालने के लिए विजय सिंह गौेड़, व्यवस्थापक ओमप्रकाश सेन, रमेश सेन, अविनाश सेन, राहुल सेन, मुकेश सेन, मिताली, वंशिका, मिलन, भव्य, वेदान्श, बुलबुल, प्रकाश रांका, दिलीप राठी, बीएल गोदारा, महावीर रांका, राजकुमार चावड़ा, देवानन्द, राहुल सेन, सुनील मेहता, विनय, श्याम, कैलाश सेन, महेन्द्र सेन, कमल शर्मा, कमल सुनारीवाल, कुलदीप, सलीम, धर्मेन्द्र, देवानन्द, दीपक बसीटा, राजकुमार त्रिपाठी, महेन्द्र रावत, विशाल, कपिल, संजीव कश्यप, मनीष चौहान, जितेन्द्र, पुनित, धर्मेन्द्र, बलराम आदि भी मौजूद रहे।