राजगढ़ भैरव धाम में अखण्ड ज्योति का भव्य समापन, उमड़ा आस्था का सैलाब

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अजमेर। समीपवर्ती श्री मसाणिया भैरव धाम, राजगढ़ में आयोजित चैत्र नवरात्रा मेला महोत्सव का समापन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। नौ दिनों तक निरंतर प्रज्ज्वलित रही अखण्ड ज्योति के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। नवमी की रात्रि से ही देश-प्रदेश से आए भक्तों का आगमन शुरू हो गया था, जिससे पूरा धाम भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।

समापन समारोह के दौरान बाबा भैरव एवं मां कालिका के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज के सान्निध्य में मनोकामना पूर्ण स्तम्भ की विधिवत पूजा-अर्चना की गई तथा भव्य आरती उतारी गई। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में स्तम्भ की परिक्रमा कर अपनी मनोकामनाएं मांगी।

धाम के प्रवक्ता अविनाश सेन ने बताया कि इस अवसर पर राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी धाम पहुंचकर बाबा भैरवनाथ एवं मां कालिका के दर्शन किए और मनोकामना पूर्ण स्तम्भ की परिक्रमा कर आशीर्वाद प्राप्त किया। धाम पर चम्पालाल महाराज द्वारा नशा मुक्ति, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, रक्तदान, गौ संरक्षण और जल स्वावलंबन जैसे कई जनकल्याणकारी कार्य निरंतर किए जा रहे हैं, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।


मेले के दौरान प्रशासन द्वारा भी व्यापक व्यवस्थाएं की गईं। पुलिस विभाग ने 10 दिनों तक विशेष सुरक्षा व्यवस्था संभाली, वहीं चिकित्सा विभाग द्वारा मेडिकल टीम तैनात कर श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

अखण्ड ज्योति, जो 9 दिनों तक 24 घंटे निरंतर प्रज्ज्वलित रही, का विधिवत समापन प्रातःकाल किया गया। समापन के पश्चात चम्पालाल महाराज द्वारा श्रद्धालुओं को ‘भभूत’ रूपी विशेष प्रसाद वितरित किया गया, जिसे श्रद्धालु अत्यंत श्रद्धा के साथ ग्रहण करते नजर आए। मान्यता है कि इस अखण्ड ज्योति के दर्शन मात्र से रोग, कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं।

इस ज्योति की एक विशेषता यह भी रही कि जिस पात्र में इसे प्रज्ज्वलित किया गया, उसमें हजारों नारियल की चिटक, तेल और हवन सामग्री डालने के बावजूद वह कभी भरा नहीं-जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था का अद्भुत केंद्र बना रहा।

बहरोड़ से पहुंची भैरव डाक ध्वजा, भव्य स्वागत

महोत्सव के दौरान एक विशेष आकर्षण बहरोड़ जिले के खेड़की गांव से आई मसाणिया भैरव डाक ध्वजा रही। बीडीएम ट्रांसपोर्ट के तत्वावधान और गजेन्द्र यादव के नेतृत्व में 40 सदस्यों का दल लगभग 380 किलोमीटर की दूरी को 21 घंटे में रिले दौड़ के रूप में तय कर भैरव धाम पहुंचा।

ध्वजा का स्वागत श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा के साथ भव्य तरीके से किया गया। सराधना चौराहा, चक्की वाले बाबा मंदिर और मुख्य धाम पर श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक ध्वजा का अभिनंदन किया। तत्पश्चात डाक ध्वजा को बाबा भैरव के श्रीचरणों में अर्पित किया गया। मंदिर समिति की ओर से ध्वजा दल का माला और दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया।

व्यवस्थाओं में सहयोगियों की अहम भूमिका

मेले के सफल आयोजन में व्यवस्थापक ओमप्रकाश सेन, रमेशचंद सेन, अविनाश सेन, राहुल सेन सहित अनेक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी ने मिलकर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा, जिससे पूरा आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो सका।