मोदी शनिवार को HPCL राजस्थान रिफाइनरी राष्ट्र को करेंगे समर्पित

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जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान में बालोतरा जिले के पचपदरा में शनिवार को देश की प्रथम ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार मोदी इससे पहले जोधपुर हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का उद्घाटन भी करेंगे। प्रधानमंत्री शनिवार को पूर्वाह्न लगभग 10:45 बजे इस टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे और जोधपुर में संशोधित उड़ान योजना का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद दोपहर बाद लगभग 12:15 बजे बालोतरा जायेंगे, जहां वह लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर वह एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

मोदी बालोतरा के पचपदरा में भारत के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जो देश के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि का प्रतीक है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और राजस्थान सरकार के संयुक्त उद्यम के रूप में विकसित, 90 लाख टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) की क्षमता वाले इस ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की स्थापना 79,450 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश से की गयी है।

इस अत्याधुनिक परिसर में शोधन और पेट्रोकेमिकल उत्पादन की सुविधाओं को एकीकृत किया गया है, जिसकी पेट्रोकेमिकल क्षमता 2.4 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है। इस रिफाइनरी का नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 17.0 है और पेट्रोकेमिकल उत्पादन 26 प्रतिशत से अधिक है, जो दक्षता और स्थिरता के वैश्विक मानकों के अनुरूप है।

यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, पेट्रोकेमिकल आत्मनिर्भरता बढ़ाने और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। यह क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक पार्क के विकास के लिए एक आधार उद्योग के रूप में कार्य करेगी, जिससे संबंधित उद्योगों और सहायक क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। यह रिफाइनरी रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर पैदा करने के लिए तैयार है, जिससे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण की आधारशिला भी रखेंगे, जिसकी कुल लागत 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक है। दूसरे चरण के तहत, प्रह्लादपुरा से तोड़ी मोड़ तक 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जो सीतापुरा और विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (वीकेआई) के औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को 36 स्टेशनों के माध्यम से जोड़ेगा।

यह कॉरिडोर सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, वीकेआई, जयपुर हवाई अड्डा, टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल, एसएमएस स्टेडियम, अंबाबाड़ी और विद्याधरनगर सहित प्रमुख स्थानों को जोड़ेगा। इस परियोजना से जयपुर के प्रमुख औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे निवासियों को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी। पहले चरण के तहत, 11 स्टेशनों वाला 11.64 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर पहले से ही संचालन में है।

प्रधानमंत्री लगभग 900 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित चूरू-सादुलपुर (58 किमी) और चूरू-रतनगढ़ (46 किमी) रेल दोहरीकरण परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। कुल 104 किमी लंबाई में फैली ये परियोजनाएं उत्तर-पश्चिम राजस्थान में रेल संपर्क को मजबूत करेंगी। इनसे रेल लाइन की क्षमता बढ़ेगी, जिससे यात्री और मालगाड़ियों का संचालन सुगम, सुरक्षित और समयबद्ध हो सकेगा और रेल नेटवर्क पर भीड़भाड़ कम होगी। ये परियोजनाएं क्षेत्र में निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा देंगी।

प्रधानमंत्री, जोधपुर रिंग रोड के खंड-2 (कारवार-डांगियावास) पर स्थित एनएच-125ए के चार लेन के निर्माण का भी उद्घाटन करेंगे। लगभग 740 करोड़ रुपए की लागत से विकसित इस परियोजना से जोधपुर के आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा और यात्रा सुगम एवं सुरक्षित बनेगी।

इसके अलावा प्रधानमंत्री एसजेवीएन लिमिटेड की एक हजार मेगावाट की बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसे लगभग 5500 करोड़ रुपए के निवेश से विकसित किया गया है। इस परियोजना में स्वदेशी रूप से निर्मित 24.22 लाख सौर मॉड्यूल का उपयोग किया गया है। प्रधानमंत्री एनएचपीसी के 300 मेगावाट के करणीसर बीकानेर सौर ऊर्जा संयंत्र को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस परियोजना में स्वदेशी रूप से निर्मित लगभग 7.75 लाख सौर पीवी सेल और मॉड्यूल का उपयोग किया गया है।

मोदी राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र (आरईजेड) से बिजली निकासी के लिए 1900 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से निर्मित ट्रांसमिशन लाइन का भी उद्घाटन करेंगे और राजस्थान आरईजेड के लिए 530 किलोमीटर लंबी बिजली ट्रांसमिशन प्रणाली की आधारशिला रखेंगे। ये ट्रांसमिशन प्रणालियां राजस्थान में उत्पादित नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी को सुगम बनाएंगी और राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद करेंगी।

प्रधानमंत्री राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में भर्ती किए गए लगभग 54 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपेंगे। इनमें शिक्षा, ऊर्जा, गृह, पंचायती राज, परिवहन, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, योजना, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी और प्रशासनिक सुधार विभागों के कर्मी शामिल हैं।