Home Blog Page 4064

ट्रंप के पद संभालने के बाद यमन में छापा मारने के दौरान अमेरिकी कमांडो की मौत

US commandos killed during raids in Yemen
US commandos killed during raids in Yemen

सना/वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पद संभालने के बाद पहले सैन्य अभियान के तहत दक्षिणी यमन में आतंकवादी संगठन अलकायदा के ठिकाने पर छापा मारने के दौरान एक अमेरिकी कमांडो की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।

 

महिला और बच्चे भी मरे
अमेरिकी सेना ने बताया कि उन्होंने अलकायदा के शक्तिशाली शाखा पर छापा मारने के दौरान 14 आतंकवादियों को मार गिराया। ये आतंकवादी लगातार अमेरिका के ड्रोन हमले को निशाना बना रहे थे। हालांकि घटनास्थल पर मौजूद चिकत्साकर्मियों ने बताया कि इस हमले में दस महिला और बच्चे समेत 30 लोग मारे गये हैं।

पेंटागन ने बताया कि, जब एक घायल कमांडों को घटनास्थल से बाहर निकालने के लिये अमेरिकी सैन्य विमान को भेजा गया तो दो अन्य जवान भी आग की चपेट में आकर घायल हो गये।

वहीं ट्रंप ने कमांडो की मौत की खबर सुनते ही अमेरिका आज सुबह कहा कि हमारा एक बहादुर जवान कट्टरपंथी आतंकवादी समूह के खिलाफ लड़ाई लड़ता हुआ मारा गया। ट्रंप ने इस अभियान को सफल बताते हुए बताया कि इस हमले के दौरान जो खुफिया जानकारी हमें प्राप्त हुयी है वह अमेरिका के आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहायक होगी।

वहीं अलकायदा की ओर से जारी बयान में बताया गया कि बल-बायदा प्रांत के यकला जिले में गोलीबारी की घटना में हमारे एक वरिष्ठ नेता अब्दुलरऊफ अल-ढाहाब समेत अन्य की मौत हो गई।

भाजपा ने राहुल-अखिलेश के रोड शो को बताया फ्लाप

flopलखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव के रोड शो को फ्लाप शो बताया है।

लैटरपैड ने खोली कांग्रेस-सपा के गठबन्धन की पोल!

vvarta

लखनऊ। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भले ही रविवार को भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए गठबन्धन की वकालत कर रहे हों, लेकिन हकीकत में दोनों दल अभी तक कई सीटों पर आपसी विवाद ही सुलझा नहीं पाए हैं।

जाट आंदोलन : धरना जारी, सोशल मीडिया पर प्रतिबंध

jindaचंडीगढ़। हरियाणा के 19 जिलों में प्रारम्भ हुए जाट आरक्षण के लिए अनिश्चितकालीन धरने का पहला दिन शांतिपूर्वक रहा। धरना स्थल कोे लेकर प्रशासन व आंदोलनकारियों के बीच कैथल व हिसार में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति हो गई थी।

…तो माल्या ने की सीएमडी से मुलाकात और तुरंत पास हो गया 350 करोड़ को लोन

ED reveals how vijay mallya managed quick idbi loan
ED reveals how vijay mallya managed quick idbi loan

नई दिल्ली। शराब कारोबारी विजय माल्या के लोन धोखाधड़ी मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में अहम खुलासा करते हुए बताया कि इस माल्या ने छुट्टी वाले दिन IDBI बैंक के तब के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर से मुलाकात की थी, जिसके बाद आनन फानन में किंगफिशर एयरलाइंस को कर्ज की पहली दो किस्तों में 350 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए।

 

ईडी ने बताया कि किंगफिशर एयरलाइंस की वित्तीय स्थिति कमजोर होने के बावजूद दोनों संगठनों ने आपराधिक साजिश के तहत यह समझौता करते हुए कर्ज जारी किया। आईडीबीआई बैंक ने समझौते के तहत कुल 860.92 करोड़ रुपये का लोन जारी किया।

मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही एजेंसी ने कहा कि जांच में पता चला कि अब बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइन को कर्ज देने के लिए बैंक ने जो तरीका अपनाया, वह धोखाधड़ी वाले तरीके से ही तैयार की गई। माल्या और किंगफिशर एयरलाइंस का यह कर्ज चुकाने का कोई इरादा ही नहीं था।

ईडी की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, पीएमएलए की जांच से पता चलता है कि किंगफिशर और उसके प्रवर्तकों द्वारा लोन गारंटी के रूप में जिन चीजों की पेशकश की गई, उनकी गुणवत्ता और बाजार मूल्य का आकलन नहीं किया गया। बैंक ने अपनी ओर से पूरी जांच पड़ताल नहीं की और लोन की कुल 350 रुपये की पहली दो किस्तों को जारी करने में कुछ ज्यादा जल्दबाजी दिखाई गई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह साफ है कि इस कर्ज का वितरण माल्या तथा बैंक के तत्कालीन सीएमडी योगेश अग्रवाल के बीच छुट्टी पर बैठक के बाद किया गया। ऐसे में 7 अक्टूबर, 2009 को 150 करोड़ रुपये तथा 4 नवंबर, 2009 को 200 करोड़ रुपये की लोन की किस्तों को जारी करने की वजह के बारे में पूछने की जरूरत नहीं रह जाती।

आपको बता दें कि इस मामले में सीबीआई ने हाल ही में अग्रवाल और आठ अन्य आरोपियों को अरेस्ट किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़ी राशि वाले इस लेनदेन की किंगफिशर एयरलाइंस को मंजूरी तदर्थ आधार पर बिना जांच पड़ताल के कर दी गई, जिससे पता चलता है कि बैंक अधिकारियों तथा एयरलाइन के प्रवर्तकों ने गहरी साजिश रची थी।

एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अग्रवाल ने ईडी को पिछले साल 23 मार्च को जांच अधिकारी (आईओ) के सामने दिए बयान में कहा था कि इस मामले में अक्तूबर, 2009 में माल्या ने उन्हें उनके दफ्तर में फोन कर अगले दिन बैठक के लिए कहा था। चूंकि अगले दिन छुट्टी थी, ऐसे में अग्रवाल ने उसके बाद मिलने की बात कही, लेकिन माल्या ने कहा कि वह अगले दिन शाम को मुंबई से बाहर जा रहे हैं और यह मामला जरूरी है, इसलिए अगर अग्रवाल उनसे अगले दिन मिल सकें, तो वह आभारी रहेंगे।

आईडीबीआई बैंक के पूर्व सीएमडी ने बताया कि माल्या ने अगले दिन उनके साथ बैंक के पूर्व एमडी तथा मौजूदा सलाहकार एवं आईडीबीआई बैंक के एक कार्यकारी निदेशक के साथ मुलाकात की। अग्रवाल ने बताया कि माल्या ने सूचित किया कि किंगफिशर एयरलाइंस गंभीर संकट में है और उसे अपनी उड़ान जारी रखने के लिए तत्काल धन की जरूरत है।